भारतीय जनता पार्टी संकल्प पत्र 2019 – संकल्पित भारत, सशक्त भारत

एक नए भारत की ओर

पिछले पांच वर्षों में श्री नरेंद्र मोदी एक निरंतर गतिशील सरकार के रुप में आर्थिक स्थिरता की पुनस्थापना, सुशासन के दूरगामी व दीर्घकालिक संरचना के निर्माण, देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण तथा भौतिक और सामजिक बुनियादी ढांचे के निर्माण करते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की व्यापक सुरक्षा की अपनी नीति पर अडिग रहेंगे। पिछले पांच वर्षों में हमने प्रतिलक्षित किया है कि एक प्रतिबद्ध और निर्णायक नेतृत्व, जो कठोर निर्णय लेने से नहीं पीछे हटता, द्वारा कितना कुछ किया जा सकता है। पिछले पांच वर्षों में सरकार ने देश के विकास के लिए जो बहुआयामी और सफल प्रयास किए हैं, उन प्रयासों को आगे बढ़ाने की इच्छा शक्ति के साथ 'नाए भारत के निर्माण की प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।

अगले पांच वर्षों में हम सामान्य जनजीवन के हर आयाम को छूते हुए सभी नागरिकों के लिए विकास के अवसर पैदा करने की अपनी कार्यपद्धति पर चलते रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सबका साथ, सबका विकास हमारा मूल मंत्र है। हम अपनी सभ्यता की जड़ों को बनाए रखते हुए एक विकसित भविष्य के लक्ष्यों तक पहुंचने की इच्छाशक्ति व्यक्त करते हैं।

सभ्यता की जड़ों को बनाए रखते हुए एक विकसित भविष्य के लक्ष्यों तक पहुंचने की इच्छाशक्तिं व्यक्त करते हैं। अपने दूरगामी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, हमें सबसे पहले अपने देश को आंतरिक और वाह्य, दोनों आक्रमणों से सुरक्षित करना होगा। इन खतरों का सामना करने तथा उनसे निपटने के लिए उनकी जड़ों तक जाकर पहुंचने की आवश्यकता है। हम एक ऐसे निर्णायक नेतृत्व का वादा करते हैं, जो हमारे सुरक्षा तंत्र को सभी आवश्यक उपकरणों से लैस करने का कार्य करेगी। जैसा कि हमने पहले ही बताया है, हम वैश्विक आतंकवाद की समस्या से निपटने के लिए अपनी विदेश नीति का उपयोग करेंगे। इस प्रकार हम अपने राजनायिक और संबद्ध संवर्गों की शक्ति को और विस्तार देने का इरादा रखते हैं। हम रक्षा खरीद में भारत की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए 'मेक इन इंडिया इनडिफेंस पहल पर भी जोर देंगे।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपने पहले भाषण में वादा किया था कि यह सरकार सबसे गरीब लोगों के कल्याण के लिए काम करेगी। पिछले पांच वर्षों में हमने आधार, डीबीटी और जन-धन खातों के माध्यम से समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को बुनियादी सेवाएं सीधे पहुंचाने के लिए एक पारदर्शी तंत्र बनाने में सफलता हासिल की है। सफाई(स्वच्छ भारत), स्वास्थ्य बीमा (आयुष्मान भारत) और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं में बड़े निवेश के साथ बुनियादी स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। अगले पांच वर्षों में हमारा संकल्प ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हर गरीब भारतीय तक पहुंच आवास, बिजली, शौचालय, रसोई गैस और स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं तक की पहुंच सुनिश्चित करने और गरीबी रेखा से नीचे की आबादी का प्रतिष्ठित एकल अंकों तक लाने का है।

पिछले पांच वर्षों में, हमने व्यापक आर्थिक स्थिरता को पुनस्थापित किया, साथ-ही-साथ आर्थिक शासन के लिए स्थायी ढांचे भी निर्मित किए। हमारे इन प्रयासों में इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकटप्सी कोड, लक्षित मुद्रास्फीति, राष्ट्रव्यापी माल एवं सेवा कर और बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता भी शामिल है। इन प्रयासों ने न केवल देश की व्यापार संस्कृति को बदल दिया है और मुद्रास्फीति को 4 प्रतिशत तक ला दिया, बल्कि सॉवरेन रेटिंग में वृद्धि और व्यापार सुगमता रेटिंग में तेज उछाल के साथ अंतराष्ट्रीय स्तर भारत को मजबूत स्वीकृति भी दिलाई है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत व्यापक स्थिरता बनाए रखते हुए अगले पांच वर्षों के लिए दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहे। हमारी आकांक्षा सन् 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की है।

चूंकि हमारा आर्थिक मॉडल उद्यमशीलता और नवाचार पर आधारित है, इसलिए हम टैक्स दरों को सरल और कम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। व्यापार में सुगमता(ईन ऑफ़ डूइंग बिजनेस) का एक महत्वपूर्ण पहलू अनुबंधों को लागू करने और विवादों को हल करने की दिशा में किए गए हमारे कार्य हैं। इसलिए हम न्यायपालिका के साथ समन्वय में पाँच साल के भीतर कानूनी तंत्र की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि का वादा करते हैं।

पिछले पांच वर्षों में देश का भौतिक बुनियादी ढांचा अभूतपूर्व ढंग से उन्नत हुआ है। हमने 91 प्रतिशत गांवों को ग्रामीण सड़कों से जोड़ा है, 100%गांवों का विद्युतीकरण किया है, 38 नए हवाई अड्डों का परिचालन शुरु किए हैं और कई शहरों में मेट्रो नेटवर्क शुरु किये हैं। भविष्य में, हमने 60,000 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने, 100% गांवों को ग्रामीण सड़कों से जोड़ने,100 नए हवाई अड्डों का परिचालन शुरू करने, 400 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण करने और 50 शहरों में मेट्रो नेटवर्क बिछाने की योजना बनाई है।

कृषि क्षेत्र से हमारी श्रम शक्ति के एक बड़े हिस्से को रोजगार हासिल होता है। किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए हमने 22फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को उत्पादन लागत के डेढ़ गुना तक बढ़ाया गया। इसके अलावा हमने यूरिया की नीम-कोटिंग, जाटों ग्रामीण कृषि बाजार की स्थापना, प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के तहत 14 करोड़ किसानों को बीमा कवर देने और हाल ही में, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जरिए 12 लाख किसान परिवारों को प्रत्यक्ष आय सहायता की शुरुआत जैसे उपायों के माध्यम से सब्सिडी वाले कृषि सुविधाओं के बड़े पैमाने पर प्रवाह-परिवर्तन पर अंकुश लगाया है। अगले पाँच वर्षों में हम एक राष्ट्रीय वेयरहाउसिंग ग्रिड बनाएंगे, कृषि/ग्रामीण उत्पादकता के लिए 25 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेंगे, ब्याज मुक्त किसान क्रेडिट काई शुक्र करेंगे और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के दायरे में सभी किसानों को लाएंगे। हम सन 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के वादे के प्रति अटल हैं और आवश्यक होने पर और संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

पिछले पांच वर्षों में हमने उद्योग और सेवा क्षेत्रों के लिए एक राष्ट्रीय साझा बाजार बनाया है। मुद्रास्फीति में कमी औट बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता को निश्चित करके हम अब पूंजी की वास्तविक लागत को रचनात्मक रूप से कम करने की स्थिति में हैं। यह निजी क्षेत्र के निवेश में निरंतर वृद्धि की कुंजी है। हम एक राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की स्थापना के साथ-साथ खुदा व्यापार के लिए एक राष्ट्रीय नीति की घोषणा करने के इच्छुक हैं। पर्यटन क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत में यूनेस्को के सभी वैश्विक धटोहर स्थलों में अंतराष्ट्रीय मानक की सुविधाएं हों। हम राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में सांकृतिक/प्राकृतिक महत्व के विशिष्ट स्थलों की पहचान कर और उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील रहेंगे।

किसी देश की सांस्कृतिक, पारिस्थितिक और सामाजिक पूंजी उसकी आर्थिक पूंजी जितनी ही महत्वपूर्ण होती है। इनमे भी निरंतर निवेश की आवश्यकता होती है और हम सांस्कृतिक/भाषाई विरासत की रक्षा, पारिस्थितिक/एतिहासिक महत्व के स्थलों के संरक्षण और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एवं अगली पीढ़ी के लिए अपने सभ्यता संबंधी विचारों को प्रोत्साहित करने के लिए समर्थन व सहयोग बढ़ाने का इरादा रखते हैं। हम अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग निकालने के लिए संवैधानिक ढांचे के भीतर सभी संभावनाओं को तलाशने के लिए कृतसंकल्प है। हम अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और पिछड़े वर्गों को संवैधानिक प्रावधानों का लाभ सुनिश्चित करने के लिए संकल्प व्यक्त करते हैं। हमने हाल ही में गैर-आरक्षित आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की शुरुआत की है। इसी के साथ, हम असम में नागरिकों के राष्ट्रीय पंजीकरण के कार्य को तेजी से पूरा करेंगे और अन्य राज्यों में इसके विस्तार पर सक्रिय रुप से विचार करेंगे।

हम अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और पिछड़े वर्गों को संवैधानिक प्रावधानों का लाभ सुनिश्चित करने के लिए संकल्प व्यक्त करते हैं। हमने हाल ही में गैर-आरक्षित आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की शुरुआत की है। इसी के साथ, हम असम में नागरिकों के राष्ट्रीय पंजीकरण के कार्य को तेजी से पूरा करेंगे और अन्य राज्यों में इसके विस्तार पर सक्रिय रुप से विचार करेंगे। प्रत्येक समाज महिलाओं के सशक्तिकरण, अल्पसंख्यकों के समावेशन और युवाओं को प्रोत्साहन के माध्यम से आगे बढ़ता है। हम इन उद्देश्यों को तुष्टिकरण की राजनीति की वजह से मंद नहीं पड़ने देंगे। इसलिए हम उम्मीद करते हैं कि तीन तलाक और निकाह-लाला जैसी प्रथाओं को प्रतिबंधित करने के लिए पर्सनल लॉ का आधुनिकीकरण किया जाएगा। हम अपने प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों की गुणवत्ता के साथ-साथ अपनी उच्च शिक्षा क्षमता के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करके अपनी मानव संसाधन क्षमता में निवेश करने के इच्छुक हैं।

इसके अलावा हम विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के चयनित समूह को विश्वस्तरीय बनाने के क्रम में उनमें भी निवेश करेंगे।
तीन पीढ़ियों से भारत की सामाजिक-आर्थिक प्रणाली को वंशानुगत सत्ता के हाथों बंधक बना लिया गया था। इसने राजनीतिक संरक्षण के एक भ्रष्ट एवं स्वाथ तंत्र को बढ़ावा दिया, जो धीरे-धीरे जीवन के हर क्षेत्र में व्याप्त होता गया। सन 2014 में देश में इस तंत्र को समाप्त करने के लिए निर्णायक मतदान किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, सार्वजनिक जीवन और शासकीय कार्यों में ईमानदारी को पुनस्थापित करने, नीति-निर्माण और राष्ट्रीय संपत्ति के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया है।

हमारा उपरोक्त संकल्प बाह्य/आंतरिक सुरक्षा के खतरों ने सुरक्षित और साथ-ही-साथ अपनी सांस्कृतिक, पारिस्थितिक एवं सामाजिक संपत्ति पर आधारित होने मंअ सक्षम, तकनीकी रूप से आधुनिक, उद्यमशील औट नीति-आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को रेखांकित करता है। यह नए भारत के निर्माण पर श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मजबूत, निर्णायक तथा सर्व-समावेशी विकास को समर्पित सरकार का संकल्प-पत्र है।

राष्ट्र सर्वप्रथम

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व ने पिछले पांच वर्ष में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन कर दिया है. राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर इसी नीति पर हम आगे बढ़ेंगे.

आतंकवाद पर सुरक्षा नीति

हमारी सुरक्षा नीति केवल हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा विषयों द्वारा निर्देशित होगी. इसके उदाहरण हाल ही में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक हैं. हम आतंकवाद एवं उग्रवाद के विरुद्ध जीरो टॉवरेंस की नीति को पूर दृढ़ता से जारी रखेंगें और सुरक्षाबलों को आतंकवादियों का सामना करने के लिए फ्री हेंड की नीति का अनुसरण करते रहेंगे.

राष्ट्रीय सुरक्षा

अपने सुरक्षा बलों को सुदृढ़ बनाएंगें- हम रक्षा से जुड़े बाकि उपकरणों एवं हथियारों की खरीद तेज करेंगे. सुरक्षा बलों की हमला करने की क्षमता सुदृढ़ बनाने हेतु सघन प्रयास जारी रखेंगे.

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे- रक्षा उपकरणों की खरीद में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए करने के लिए हमारी सरकार ने पिछले पांच वर्ष में कई प्रभावी कदम उठाए हैं. हमारी सरकार के प्रयासों का परिणाम है कि सबसे आधुनिक एके-203 स्वचालित राइफल्स बनाने की फैक्ट्री की नींव रक्षा में मेक इन इंडिया अभियान के अंतर्गत अमेठी में रखी गई है. हम रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया को और बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि रक्षा उपकरण का स्वदेश में ही निर्माण हो सके. इससे रोजगार सृजन होगा और रक्षा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा.

पुलिस बलों का आधुनिकीकरण

हम केंद्रीय पुलिस बलों के अधुनिकीकरण की प्रक्रिया को बढ़ाते हुए उनकी कार्य क्षमता और दक्षता में वृद्धि करेंगें, जिससे वह आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों का सामना सुदृढ़ता से कर सके.

हम राज्यों की पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए भी अपनी पुलिस आधुनिकीकरण की पुनरक्षित योजना के अंतर्गत सहायता मुहैय्या कराएंगें. राज्यों में पुलिस सुधार का कार्य भी तेजी से किया जाएगा, जिससे कि वह साइबर –क्राइम जैसे नए प्रकार के अपराधों से लड़ने में सक्षम हो सकें और नागरिकों, विशेष तौर पर कमजोर एवं असहाय वर्गों के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो.

घुसपैठियों की समस्या का समाधान

घुसपेठ से कुछ क्षेत्रों की सांस्कृतिक औऱ भाषाई पहचान हुआ है और स्थानीय लोगों की आजिविका तथा रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. ऐसे क्षेत्रों में प्रथमिकता पर एन आर सी का कार्य किया जाएगा. देश में चरणबद्ध तरीके से चिन्हित करके इसे लागू करेंगे.

पूर्वोत्तर क्षेत्रों में illegal immigration रोकने के लिए प्रभावी प्रयत्न किया जाएगा. इसके लिए हम देश की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करेंगे. सीमाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए तकनीक के प्रयोग का पायलट प्रोजेक्ट धुबरी में लागू किया गया था, उसको हम सभी सीमाओं पर लागू करेंगें.

सीमा सुरक्षा सुदृढ़ करेंगे

हम अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में विकासात्मक और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर विशेष ध्यान देंगे, जिससे कि ये क्षेत्र राष्ट्रीय सुरक्षा को बढाने में और भी अधिक मजबूती से योगदान करने के साथ-साथ, अन्य क्षेत्रों के बराबर, देश की उत्तरोत्तर प्रगति से पूरी तरह और भी अधिक लाभ ले सके.

अपने पड़ोसी देशों से व्यापार एवं यात्रियों के आवगमन में सहूलियत लाने के लिए 6 इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट का निर्माण किया गया है और एक निर्माणाधीन है. हम इस कार्य को और आगे बढ़ाते हुए 2024 तक 14 और इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट का निर्माण करेंगे, ताकि हमारा पड़ोसी देशों के साथ व्यापार एवं यात्रियों के आवगमन में और अधिक सहूलियत हो सके. इनके निर्माण के बाद अनुमान है कि हमारा बांग्लादेश, नेपाल और भूटान के साथ व्यापार मुख्यत इन्हीं इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट के द्वारा होगा.

तटवर्ती सुरक्षा- हम राज्यों में तटवर्ती पुलिस थानों की स्थापना, समुद्री एवं तटवर्ती सुरक्षा सुदृढ़ बनाने के लिए राष्ट्रीय समिति की स्थापना, द्वीप सूचना प्रणाली एवं राष्ट्रीय तटवर्ती पुलिस अकादमी के लिए आधुनिक उपकरण प्रदान करने एवं धन आवंटित करने हेतु तटवर्ती सुरक्षा योजना लागू कर तटवर्ती सुरक्षा को प्रभावी रूप से सुदृढ़ बनाएंगे. इसके उपरांत हम भारत की लंबी तट सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाना जारी रखेंगे.

सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल(सीएबी)

हम पड़ोसी देशों के प्रताड़ित धार्मिक अल्पसंख्यकों के संरक्षण के लिए सिटिजनशिप अमेंजमेंट बिल को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम पूर्वोत्तर राज्यों से उन वर्गों के लिए मुद्दों को स्पष्ट करने के लिए सभी प्रयास करेंगें, जिन्होंने कानून के बारे में आशंका व्यक्त की है. हम पूर्वोत्तर के लोगों की भाषाई, संस्कृति और सामाजिक पहचान की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं.

भारत के पड़ोसी देशों से आए सभी हिन्दू, जैन, बौद्ध, सिख, ईसाई को देशों में धार्मिक प्रताड़ना के आधार पर भारत में नागरिकता दी जाएगी.
वामपंथी उग्रवाद का मुकाबला

दृमने वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध बहुत सख्त कदम उठाए हैं, जिसके फलस्वरुप इन उग्रवादियों का कार्य क्षेत्र सिमट कर ढह गया है। अगले पांच वर्षों में हम इसके विद्ध और अधिक कारगर कदम उठाएंगे, जिससे कि अगले पांच वर्षों में इस खतरे को दूर करने में हम सफल हो सकें। वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित इस क्षेत्र में हमने विकास के कार्य, जिसमें सड़क, मोबाइल फोन, स्कूल, चिकित्सा सेवा शामिल है, पांच वर्षों में बहुत प्रगति की है। हम इस कार्य को और ज्यादा गति से चलाएंगे ताकिये पिछड़े क्षेत्र भी इन सुविधाओं के लाभ से आगे आ सकें।

जम्मू-कश्मीर-धारा 370

15 पिछले पांच वर्षों में हमने निर्णायक कार्रवाई औट एक दृढ़ नीति के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में शांति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए हैं। राज्य के सभी क्षेत्रों के विकास में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने और राज्य के हर क्षेत्र के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हम जनसंघ के समय से अनुच्छेद 370 के बारे में अपने दृष्टिकोण को दोहराते हैं।

1+6 हम धारा 35A को भी ख़त्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा मानना है कि धारा 35A जम्मू कश्मीर के गैर-स्थायी निवासियों और महिलाओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण है। यह धारा जम्मू- कश्मीर के विकास में भी बाधा है। राज्य के सभी निवासियों के लिए एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के लिए हम सभी कदम उठाएंगे। हम कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास करेंगे और हम पश्चिमी पाकिस्तान, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) और आए शणरार्थियों के पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे।

किसानों की आय दोगुनी

भाजपा सरकार के वर्तमान कार्यकाल के प्रारंभ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को हासिल करने को मिशन के रूप में लिया। हम इस लक्ष्य को 2022 तक पूरा करने के लिए सभी प्रयास करेंगे।

किसान कल्याणनीति

सभी के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना-

1. हमने 2 हेक्टेयर तक भूमि वाले किसानों के लिए आय सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' आरंभ की हैं। हम इस योजना का दायरा बढ़ाकर इसे देश के सभी किसानों के लिए लागू करेंगे।

02. छोटे और सीमांत किसानों के लिए पेंशन- हम देश में सभी छोटे और सीमांत किसानों के लिए पेंशन की योजना आरंभ करेंगे, जिससे कि 60 वर्ष की आयु के बाद उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

03. कृषि-ग्रामीण क्षेत्र में 25 लाख करोड़ रुपये का निवेश- हम कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने के लिए 25 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने को प्रतिबद्ध हैं। 04. ब्याज मुक्त किसान क्रेडिट कार्ड ऋण- हम 1 से 5 वर्ष के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर एक लाख रुपए तक के नए अल्पावधि कृषि ऋण मूल परेशानी के समय पर भुगतान की दर प्रदान करेंगे।

05 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में स्वैच्छिक पंजीकरण -'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' ने सुनिश्चित किया है कि किसानों के लिए जोखिम कम हो और उन्हें बीमा की सुरक्षा मिले। हम इस योजना के तहत किसानों के स्वैच्छिक पंजीकटण का प्रावधान करेंगे।

06. नीतियों के जरिए किसानों का सशक्तिकरण - हम कृषि आयात में कमी लाने औट अनुमान-योग्य कृषि नियत एवं आयात नीति बनाने की दिशा में काम करेंगे, जिसमें कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने तथा आयात को कम करने की एकीकृत व्यवस्था होगी।

07. गुणवत्तापूर्ण बीजों का वायदा - हम यह सुनिश्चित करेंगे कि संभावनायुक्त किस्मों के बेहतर बीज किफायती दरों पर किसानों को समय से उपलब्ध हों और घर के पास ही उनकी जांच की सुविधा उपलब्ध हो।

कृषि सहयोगी क्षेत्रों का विकास

08. तिलहन मिशन- हम तिलहन और अन्य कृषि उत्पादों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के उद्देश्य से एक नया मिशन आरंभ करेंगे।

09 देश भर में वेयरहाउस नेटवर्क- दृम एक कुशल कृषि मूल्य श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत भंडारण और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

किसानों की आय बढ़ाने के उपाय के कप में भंडारण पर हमारा ध्यान हमारी प्रधानमंत्री कृषि संपदा योजना से रेखांकित होता है। देश में भंडारण के आधारभूत ढांचे को और विस्तृत करने के लिए हम राष्ट्रीय बीज मार्गों के किनारे राष्ट्रीय वेयरहाउसिंग ग्रिड स्थापित करेंगे, ताकि कृषि उत्पादों के भंडारण के लिए जरुरी लॉजिस्टिक सुविधाएँ सुनिश्चित हो सकें।

किसानों को अपनी उपज का भंडारण अपने गांव के निकट करने तथा उचित समय पर उसे लाभकारी मूल्य पर बेचने के लिए सक्षम करने के उद्देश्य से हम कृषि उत्पादों के लिए कई 'ग्राम भंडारण योजना आरंभ करेंगे। हम कृषि उत्पादों की भंडारण रसीद के आधारपर किसानों को सस्ती दरों पर ऋण उपलबध कराएंगे।

जैविक खेती को बढ़ावा- जैविक खेती को अधिक-से-अधिक बढ़ावा देने और जैविक खेती को लाभप्रद बनाने के लिए हम निम्नलिखित कदम उठाएंगे:

• हम अगले पांच वर्षों में पहाड़ी, आदिवासी एवं वर्षा-सिंचित क्षेत्रों में 20 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर रसायन मुक्त जैविक खेती को प्रोत्साहित करेंगे।

• दृम उपभोक्ताओं के दरवाजे तक जैविक उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए एक समर्पित ई-कॉमर्स पोर्टल शरू करेंगे।

• देश में गोशालाओं को जैविक खेती के प्रोत्साहन के साथ जोड़ा जाएगा।

• हम जैविक खेती वाले क्षेत्र के आसपास जैविक ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देंगे जिससे किसानों के लिए अतिरिक्त आय भी सुनिश्चित हो सके।

राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन

किसानों के लिए अतिरिक्त आय सुनिश्चित करने के लिए हम 'राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन' का आरंभ करेंगे। हम बुनियादी ढांचागत सुविधाएं विकसित कर तथा विपणन के लिए सहायता उपलब्ध कराकर, शहद उत्पादन को 15,000 एम.टी.के वर्तमान तट से बढ़ाकट दो गुना करेंगे।

सिंचाई कामिशन मोड पर विस्तार

हमने काफ़ी समय से लंबित 31 सिंचाई परियोजनाओं का कार्य प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत प्राथमिकता से पूरा कर लिया है और शेष 68 परियोजनाओं का काम दिसंबर, 2019 तक चरणों में पूरा कर लिया जाएगा। सिंचाई के विकास के अपने प्रयास जारी रखते हुए हम प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का और भी विस्तार करेंगे ताकि समयबद्ध तरीके से देश की 100 प्रतिशत सिंचाई क्षमता का उपयोग हो सके।

हम एक करोड़ हैक्टेयर कृषि भूमि को सूक्ष्म सिंचाई के अंतर्गत लाएंगे। इसके साथ ही उर्वरकों के उचित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 'फर्टिगेशन का सहारा लिया जाएगा।

कोऑपरेटिव

हम मानते हैं कि सहकारी संस्थाएं और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) कृषि क्षेत्र में बाजार तक बेहतर पहुंच एवं अवसर सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हम उनकी सहायता करने और उन्हें सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

15 हम संसाधनों और बाजार तक किसानों की पहुंच बढ़ाने हेतु वर्ष 2022 तक 10,000 नए 'किसान उत्पादक संगठनों के गठन में सहायता करेंगे। 16 बड़े हिस्सों की आवश्यकताएं पूरी करने के लिए, हम किसानों के सहकारी संगठनों के जरिए सब्जियों, फलों, दूध एवं मत्स्य उत्पादों की सीधी मार्केटिंग प्रणाली स्थापित करेंगे ताकि किसानों को उनके उत्पादों की बेहतर कीमत मिल सके।

कृषि और प्रौद्योगिकी का मेल

हम किराए पर कृषि उपकणों की उपलब्धता सुगम करने के लिए मोबाइल पर आधारित प्रणाली तैयार करेंगे।

हम किसानों के लिए विभिन्न कृषि उत्पादों के बाजार मूल्यों की बेहतर जानकारी सुनिश्चित करने हेतु तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देंगे।
हम युवा कृषि वैज्ञानिकों के विकास पर विशेष ध्यान देंगे ताकि सटीक अनुमान वाली एवं अधिक लाभदायक खेती के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निग, ब्लॉकचेन, बिग डेटा एनालिटिक्स आदि का लाभ उठाया जा सके।

दृम और ऊर्जा को किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत की तरह देखते हैं और इसीलिए हम बड़े स्तर पर सौरफार्मिंग को बढ़ावा देंगे ताकि 'अन्नदाता ऊर्जादाता भी बन सके।

भूमि सिंचाई का डिजिटलीकरण- आधार परियोजना की तर्ज पर हम मिशन पर भूमि सिंचाई का डिजिटलीकरण पूरा करेंगे। हम दूसरी पीढ़ी के भूमि सुधार लागू करेंगे ताकि भूमिधारकों को मालिकाना हक की गारंटी मिले और जमीन से जुड़े मुकदमे कम हो सकें। हम (राज्यों के साथ सलाह कर) निश्चित स्वामित्व अधिकार का आदर्श कानून तैयार करेंगे जिसके माध्यम से भूस्वामित्व की सुनिश्चितता और बीमा को बढ़ावा मिले। इसे लागू करने के लिए हम राज्यों के साथ मिलकर काम करेंगे।

पशुपालन

हमने डेयरी उद्योग को विशेष महत्व दिया है और गायों की देसी नस्लों के संरक्षण हेतु कामधेनु आयोग स्थापित किया है।

हम किसानों को घर के नजदीक सेवा प्रदान करने के लिए मोबाइल पशुचिकित्सालयों का नेटवर्क स्थापित करेंगे।

हम समय-समय पर सभी मवेशियों और अन्य पालतू जानवरों के स्वास्थ्य जांच के लिए जिला स्तर पर एक आदर्श कार्यक्रम की शुरूआत करेंगे। इसमें सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र से पशुचिकित्सकों की मदद ली जाएगी।

हम पट्टीकाकरण को और व्यापक बनाएंगे औट खुटपका और मुंहपका तथा ब्रुसेलोसिस रोग का संपूर्ण उन्मूलन करेंगे।

हम चारे की कमी दूट करने के लिए 'राष्ट्रीय चारा एवं पशु आहार मिशन' आरंभ करेंगे।

नीली क्रांति

हम छोटे एवं स्टार्टअप मछुआरों की सुविधा के लिए आइस-बॉक्स, कोल्ड स्टोरेज, आइस-प्लांट जैसे भंडारण एवं मार्केटिंग के साधनों और बुनियादी ढांचे की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 10,000 करोड़ रुपए के आवंटन के साथ 'मत्स्य संपदा योजना' आरंभ करेंगे।
हम जल कृषि (एग्रीकल्चर) को बढ़ावा देने के लिए आसानी से ऋण उपलब्ध कराएंगे।

हम समुद्री वनस्पतियों और मोती की खेती एवं सजावटी मछलियों के पालन को बढ़ावा देंगे ताकि मछुआरों की आय में बढ़ोत्तरी हो सके।

हम सभी मछुआरों को हर तरह के कल्याणकारी कार्यक्रमों एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाएंगे और अतिरिक्त दुर्घटना बीमा कवर का लाभ भी प्रदान करेंगे।

विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर भारत 5 ट्रिलियन डॉलर के अर्थव्यवस्था की परेखा सन 2014 में भारत को 'फ्रेनाइल फाइव' (पांच कमजोर दे) में गिना गया था। पांच वर्ष के भीतर भारत ने एक ख्याति अर्जित की, जो न केवल विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है बल्कि आर्थिक रुप से स्थिर भी है। हम विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पहले ही बन चुके हैं और जल्द ही शीर्ष पांच में शामिल हो जाएंगे। हम सन 2030 तक भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं। इसका अर्थ है कि हम सन 2025 तक भारत को 5 लाख करोड़ डॉलट औट सन 2032 तक 10 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लेते हैं।

सन 1991 के बाद की सभी झटकारों से तुलना करें तो मोदी सरकार ने पिछले पांच वर्ष में औसत जीडीपी वृद्धि की सबसे अधिक दर (7.3 प्रतिशत) प्राप्त कर दिखाई है और इस दौरान औसत/उपभोक्ता महंगाई की दर सबसे कम (4.5 प्रतिशत) रही है। उपभोक्ता महंगाई इस समय 2.6 प्रतिशत है। इसके साथ ही जीडीपी के प्रतिशत के रुप में राजकोषीय घाटा कम रहा औट चालू खाते का घाटा और भी कम रहा है। औसत राजकोषीय घाटा 2009 से 2014 के बीच 5.4 प्रतिशत था, जो 2014 में 2019 के बीच घटाकर 3.7 प्रतिशत पर ला दिया गया। राजकोषीय घाटे में इतनी कमी का अर्थ है कि आने वाली पीढ़ियों पर 16 लाख करोड़ रुपए का कर्ज कम होगा। इस सरकार के कार्यकाल में चालू खाते का औसत घाटा कम होकर जीडीपी का 1.5 प्रतिशत रह गया, जो 2009 से 2014 के बीच 3.3 प्रतिशत था।

कूटनीति

कम कर और निवेश आधारित वृद्धि हमारी आर्थिक कर नीति की दर को कम करने और अनुपालन या सहमति बढ़ाने तथा इस तरह कर का आधार व्यापक बनाने के सिद्धांत पर चलती रही है। अनुपालन और कर आधार बढ़ने से कर एवं जीडीपी का अनुपात 2013-14 के 10.1 प्रतिशत से बढ़कट 12 प्रतित हो गया है, जो पिछले कुछ वर्षों का संवाधिक अकिड़ा है। इस बढ़े दानव का उपयोगगढी लाभ पचाने के अभूतपूर्व तट पर बुनियादी ढांचा बनाने में किया गया है। इनके की दर घटाने की नीति को जारी रखेंगे जिससे ईमानदार करदाता को फायदा होगा और रोजगार स्वीकृति बढ़ेगी।

वस्तु और सेवा कर

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के कारण कर की दरों में कमी आयी है और राज्यों में विशेष रुप से राजस्व संग्रह बढ़ा है। 2015-16 के आधार वर्ष से तुलना करें तो सभी राज्यों के लिए जीएसटी राजस्व तीन वर्ष में 50 प्रतिशत बढ़ गया है। हम सभी हितधारकों से बातचीत कर जीएसटी की प्रक्रिया को सकल करते रहेंगे।

100 लाख करोड़ रुपये का निवेश

हम देश में पूंजीगत निवेश को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे और गरीबों और किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा का विस्तार करेंगे। सन 2024 तक हम बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 100 लाख करोड़ रुपए की पूंजीगत निवेश करेंगे। हम समझते हैं कि जिवेरा पर आधारित वृद्धि के लिए पूंजी की लागत कम होनी चाहिए। महंगाई को 4 प्रतिशत पर रोककर और अपनी बैंकिंग प्रणाली को सुगम बनाकर हमने पूंजी की लागत को व्यवस्थागत रुप से कम कर दिया है। इससे न केवल बुनियादी ढांचा निवेश को मदद मिलेगी, बल्कि व्यापक तौर से अर्थव्यवस्था में निवेश होगा। इस तरह निवेश आधारित वृद्धि की बुनियाद पर नया भारत बनाया जाएगा।

मेक इन इंडिया

भारत को ज्ञान आधारित, कोल समर्थित एवं तकनीक से चलने वाला समाज बनाने के लक्ष्य के साथ हमने 'मेक इन इंडिया' अभियान आरंभ किया है। हमनें डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया औट स्किल इंडिया जैसे नवाचारों के जरिए शुरुआत पहले ही कर दी है। तीव्र एवं समावेशी वृद्धि के लिए हमने पिछले कुछ वर्षों में विनियमन एवं लाइसेंस समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण सुधार भी किए हैं, जिनका लक्ष्य कारोबारी सुगमता(ईन ऑफ़ ई-बिज़नस) बढ़ाना है।

एफडीआईको 90 प्रतिशत से अधिक मंजूरी अब स्वतः मिल जाती है। पिछले पांच वर्षों में एफडीआई में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी प्रकार जीएसटी के जरिए 'एक राष्ट्र, एक कर' लागू करने से सभी प्रकार के कारोबार एक ही कर प्रणाली के अंतर्गत आ गए हैं।
भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाना- हम अगले पांच वर्ष में भारत को वैश्विक विनिमणि केंद्र बनाना चाहते हैं, इसलिए हम निम्न कदम उठाएंगे:

कारोबारी सुगमता की सूची में शीर्ष 50 में शामिल होना- पिछले चार वर्ष में भारत विश्व बैंक के ईज ऑफ़ इग बिजनेस सूचकांक में 65 पायदान ऊपर आ गया है। हम देश को शीर्ष 50 में मिल करने के लिए इस दिशा में काम करते रहेंगे।

• कंपनी अधिनियम को मजबूत बनाना- कानून के अनुपालन हेतु प्रोत्साहित करने और कारोबार को सुगम बनाने के लिए हम कंपनी अधिनियम में संशोधन करेंगे और मामूली तकनीकी तथा प्रक्रियागत आर्थिक अपराधों के मामलों को दीवानी देन दारी माना जाएगा- ताकि अदालतों में इस तट के ज्यादातर मुकदमें समाप्त हो जाए।

नई औद्योगिक नीति- हम इंडस्ट्री 4.0 को ध्यान में रखते हुए विनिर्माणि एवं सेवाओं की प्रतिस्पर्धा सुधारने के उद्देश्य से नई औद्योगिक नीति की घोषणा करेंगे, ताकि उद्योग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसी नई तकनीकों के लिए तैयार हो सकें। एमएसएमई के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

विकास के लिए नेटवर्क की पहुँच- हम जानते हैं कि अत्याधुनिक उद्योगों में प्रतिस्पर्धामिक क्षमता तैयार करने के लिए क्लस्टटिंग औट नेटवर्क प्रभाव कितने अहम हैं। इसीलिए हम ऐसे क्लस्टट/नेटवर्क तैयार करने में निवेश करेंगे, जो दुनिया के सबसे अच्छे उद्योगों से टक्कर ले सकें। इन क्लस्टों का निर्माण करने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक खरीदा एवं सरकारी प्रोत्साहनों का सक्रिय प्रयोग किया जाएगा।

जीडीपी में खनन क्षेत्र का योगदान 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाना खनन क्षेत्र को अधिक-से-अधिक सबल बनाने के लिए दृम राष्ट्रीय निगरानी निकाय गठित करेंगे, जिसमें प्रत्येक राज्य के प्रतिनिधि होंगे। साथ ही हम प्रत्येक राज्य में एक कार्यालय भी बनाएंगे, ताकि पट्टे(लीज) लेकट उत्पादन करने तक की अनुमति प्राप्त कटने में कम समय लगे।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रम

एमाएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए झनकार ने विशेष पैकेज आटंभ किया। भारत सरकार की ऋण गारंटी योजना इसका महत्वपूर्ण अंग है, जिसमें एमएसएमई को ऋण की गारंटी दी जाती है। इसके अंतर्गत 2017-18 में ही लगभग19,000 करोड़ रूपए के ऋण दिए गए। 2024 तक इस आंकड़े को 1,00,000 करोड़ रुपए पर पहुंचाने का हमारा लक्ष्य है।

एमएसएमई क्षेत्र में तकनीक की उपलब्धता एवं सुधार महत्वपूर्ण घटक हैं। माटी ने 'तकनीकी केंद्रों का विस्तार कर बड़ा कदम उठाया है और हम 2024 तक देष्टा भर में ऐसे 150 केंद्र बनाएंगे। ये तकनीकी केंद्र एमएसएमई को काल प्रदान करने तथा आर एमाझाएमई तैयार करने में मदद करेंगे। वे एमाझाएमई को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, दोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, वर्चुअल रिएलिटी, लॉकचेन तकनीक तथा जीटी डिफेक्ट जीटी इफेक्ट से परिचित कराएंगे।

तकनीकी केंद्र, एमएसएमई के अन्य कौशल केंद्र तथा एनएसआईसी के प्राथमिक केंद्र ही हर वर्ष 6 लाख से अधिक लोगों को उच्च स्तर का कौशल प्रदान करेंगे।

• हम राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोई गठित करेंगे और खुदा कारोबार की वृद्धि के लिए राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति बनाएंगे।

• छोटे व्यापार्टियों के हितों की रक्षा के लिए हम जीएसटी के तहत पंजीकृत सभी व्यापारियों को 10 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराएंगे।

• किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर हम पंजीकृत व्यापारियों को व्यापारी क्रेडिट काई देने की योजना भी लाएंगे।

उद्यमशीलता एवं स्टार्टअप

13 युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने के लिए हम उद्यमियों को 50 लाख रुपए तक का ऋण बिना किसी सिक्योरिटी के देने की नई योजना लाएंगे। हम महिला उद्यमियों के ऋण की 50 प्रतिशत राशि और पुरुष उद्यमियों के ऋण की 25 प्रतिष्ठित राशि की गारंटी दंगे।

14 भारत अब दुनिया में सबसे अधिक स्टार्टअप वाली व्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। इस व्यवस्था को और सबल बनाने के लिए हम निम्न कदम उठाएंगे:

स्टार्ट-अप के लिए नियामकीय आवश्यकताएं झटल बनाना;

• कट अनुपालन में हर महीने।

घंटा खर्च कटना-

• सन 2024 तक देश में 50,000 नए स्टार्टअप स्थापित करने में मदद करना;

• तलहटी स्थानीय निकायों में 100 इनवेस्ट जोन तैयार करना.

• सन् 2024 तक 500 नए इनक्यूबेटट औट एक्सीलटेटट स्थापित करना; केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, डान्य झटकाटों औट केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों का स्टार्टअप के साथ कितना संपर्क रही और उन्होंने नवाचार तथा नई प्रौद्योगिकियों, वैश्विक प्रक्रियाओं एवं कौशल को कितना अधिक अपनाया, इसी आधार पर उनकी रैंकिंग आर्ट भरना.

हम 20,000 करोड़ रुपए के 'सीड स्टार्टअप फंड की स्थापना कर स्टार्टअप को प्रोत्साहित करना औट बढ़ावा देना जारी रखेंगे।

हम अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्गों अथवा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के व्यक्तियों द्वाटा आरंभ किए गाए उद्यमों की सहायता करेंगे।

हम पूर्वोत्तर राज्यों में सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को वित्तीय सहायता प्रदान करने एवं वहां रोजगार सृजन के लिए नई उद्यमशील उत्तरपूर्व' योजना की स्थापना करेंगे।

क्लस्टर सेवाओं के लिए पर्यटन का प्रयोग सेवा क्षेत्र के भीतर पर्यटन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि यह विभिन्न सेवा क्षेत्रों को एक साथ समेट लेता है।

विशेष रुप से, हम सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक महत्व के विशिष्ट स्थानों की पहचान करेंगे, ताकि उन्हें अलग-थलग छोड़ने के बजाय समग्र पर्यटन स्थलों के रुप में विकसित किया जा सके। इसके लिए हमें परिवहन संपर्क, धडौहट संरक्षण, होटल, रेस्तटां, मनोरंजन तथा अन्य सेवाओं को एकीकृत रुप में देखना होगा। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि ये सभी सेवाएं आपस में जुड़ी हैं। इसीलिए झनकार सुनिश्चित करेगी कि स्वच्छ भारत जैसी योजनाएं/ एजेंसियां, भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण, वन विग और स्थानीय प्रसन्न; पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग के साथ मिलकर काम करें। भारत में सभी यूनेस्को धरोहर स्थलों में अंतराष्ट्रीय तट की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

पूर्वोत्तर के दायों औट हमारे द्वीपीय/ तटवर्ती क्षेत्रों का विकास किया जाएगा, लेकिन उनके पास्टितिक विविधता को ऑटक्षित किया जाएगा। इसी प्रकट सांस्कृतिक महत्व के स्थल विकसित किए जाएंगे, लेकिन उनकी विष्टि धरोहर की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। हाल ही में वाराणसी में हमने परियोजनाओं में जो कार्य दिखाया है, उसी तर्ज पर इन स्थलों की ऐतिहासिक/सांस्कृतिक धरोहर के प्रति संवेदन लिपते हुए इनका विकास करने के सभी प्रयास किए जाएंगे।

पारदर्शित अर्थव्यवस्था

देश के ईमानदार करदाताओं तथा गरीबों को लाभ पहुंचाने के लिए बेनामी संपत्तियों और विदेशी बैंकों में मौजूद अवैध खातों पर शिकंजा कसा जाएगा। हम भगोड़े आर्थिक अपराधियों को भारत वापस लाने और उनके अपराधों के लिए मुकदमा चलाने के लिए अपनी कार्रवाई तेज करेंगे।

हम स्व-घोषणा आदि के साथ क्लीयरेंस प्रक्रियाओं को सुगम बनाकट अब नई फैनिंग प्रौद्योगिकी अपनाकर अंतराष्ट्रीय काट्गो की कस्टम ने त्वरित निकासी सुनिश्चित करेंगे। हम नियतिकों तथा नियत संगठनों को निर्माण की क्षमता के लिए एवं अबाध नियत सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक जानकारी प्राप्त करने हेतु पर्याप्त वित्तीय एवं संस्थागत सहायता भी उपलब्ध कटाएंगे।

हर दुनिया की सबसे अधिक निवेशक-अनुकूल अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। निवेशक विकास और बड़ी आर्थिक स्थिरता की तलाश करते हैं।
- श्री नरेन्द्र मोदी

नए भारत की बुनियाद

आधारभूत संरचना यानी इंफ्रास्ट्रक्चट ही किसी भी अर्थव्यवस्था की टीढ़ है। यूपीए सरकार के 10 साल लंबे कार्यकाल में नीतियों के लचर पड़ने और अक्रूर भ्रष्टाचार से इंफ्रास्ट्रक्चट का विकास पूरी तरह का गया था। पिछले पांच साल में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में बुनियादी ढांचे के विकास ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। पहली बाट भारत ईट्रक्चट औट नागरिक सुविधाओं में वैश्विक मापदंडों के पथ पट अग्रसर है। ग्रामीण इलाकों में सड़क बनने की गति दोगुनी हो गई है और 90 प्रतिशत तक ग्रामीण कोई कनेक्टिविटी हासिल कर ली गई है। इसके अलावा भारत बिजली का निर्यातक देष्टा बन चुका है। आज देटा कोयले का सबसे बड़ा उत्पादक एवं एलईडी बल्बों का वितरक बन गया है। पोर्ट क्षमता का अभूतपूर्व विकास हुआ है औट नई रेल लाइनें को बिछाने में गेज परिवर्तन और रेलवे लाइनों के विद्युतीकटण का कार्य दोगुनी गति से हो रहा है। पिछले पांच वर्षों में हमने इंफ्रास्ट्रक्चट में अभूतपूर्व निवेश किया है। इसमें रेल, सड़क, स्वास्थ्य और शैक्षणिक इंफ्रास्ट्रक्चट भी शामिल है। हमने प्रगति 'प्रो-एक्टिव गवर्नेस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन' नामक नया और विकसित तकनीक-आधारित प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इसके जरिए देशभर के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अटकी हुई परियोजनाओं को गति देने का काम हो रहा है। हमारी पीपीपी व्यवस्था अब निवेटकों के लिए और सुलभ हो गई है।

हम गैस ग्रिड, वाट्ट ग्रिड, आय-वे (I-Way),घरेलू हवाई अड्डों और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनार पर सुविधा जैसी अगले स्तर की बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देंगे।

अधिक-से-अधिक निजी और सरकारी निवेश के साथ हम तेज गति से इंफ्राट्रक्चर के विकास का काम जारी रखेंगे और जमीनी स्तर पर परियोजनाओं के प्रबंधन के माध्यम से जीवन स्तर को बेहतर बनाने और जीवन को आरामदायक बनाने के लिए तत्पर रहेंगे। अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ इससे रोजगार की कई संभावनाएं पैदा होंगी।

शहरी विकास को प्राथमिकता

4. इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के विकास के जरिए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उपनगरी बस्तियों और नए शहरी केंद्रों का विकास हो सके।

5. हम मुद्दों पट उत्कृष्ट पांच स्थानीय केंद्र स्थापित करेंगे। इन केंद्रों के माध्यम से राज्यों एवं स्थानीय इकाइयों को भी शहरी सुशासन और विकास के मुद्दों पर सहयोग प्रदान करेंगे।

6.शहरी मोबिलिटी- हम एक राष्ट्रीय दृष्टि मोबिलिटी मिशन आरंभ करेंगे जिसका उद्देश्य सभी स्थानीय निकायों को दृष्टि मोबिलिटी समाधान प्रदान करना और लोगों को सार्वजनिक परिवहन का प्रयोग, साइकिल का प्रयोग और पैदल चलने के लिए प्रेरित करना है। इस मिशन के अंतर्गत हम ग्राहकों को सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो, लोकल बस, ऑटो, टेक्सी, ई-रिक्शा सेवा, पैदल पार पथ और साइकलिंग इंफ्राट्रक्चर का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके साथ ही हम एक समान मोबिलिटी कार्ड/टिकट के इस्तेमाल को अलग-अलग परिवहन के साधनों के लिए जारी करेंगे।

अगले पांच सालों में हम यह सुनिश्चित करेंगे कि 50 शहरों में मेट्रो का शसक्त नेटवर्क विकसित हो।

स्वच्छ भारत मिशन

हमने अपनी प्रमुख योजना 'स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 9 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया। अब हम अपने इस मिशन को नया आयाम देंगे औट हरगांव में सतत ठोस कचरा प्रबंधन लागू करेंगे। हम हरगांव, उपनगर और बिना नालियों वाले क्षेत्रों में तरल अपशिष्ट के पूर्ण निस्तारण को मल-प्रबंधन और गंदे पानी के पुनः इस्तेमाल के माध्यम से सुनिश्चित करेंगे।

हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी बस्तियां पूर्ण ठप में खुले में शौच से मुक्त होने का दर्जा प्राप्त कर लें, और जिन्होंने यह दर्जा प्राप्त कर लिया है, वे उसे आगे भी बनाए रखें।

जलशक्ति

पानी बेहद महत्वपूर्ण संसाधन है, लेकिन इसका प्रबंधन केंद्रीय स्तर पर भी कई विभागों के माध्यम से होता है। हम जल प्रबंधन के लिए एक नया मंत्रालय बनाएंगे। इस मंत्रालय का उद्देश्य जल प्रबंधन के मसले पर बेहतर प्रयास सुनिश्चित करना और इसे नई दिशा देना होगा। यह मंत्रालय देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी नदियों को जोड़ने का अटल जी का सोचा हुआ महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को द्रुत गति से आगे बढ़ाएगा जिसमें पीने योग्य पानी एवं कृषि सिंचाई समस्या का समाधान हो जाएगा। इसके लिए एक ऑथिरिटी बजाकर काम की शुरुआत करेंगे।

हम 'जलजीवन मिशन' की शुरूआत करेंगे जिसके तहत 'नल से जल कार्यक्रम के माध्यम से 2024 तक हट घट को जल का पानी उपलब्ध कटाएंगे।

हम पानी की उपलब्धता में स्थिरता बनाए रखने के लिए विशेष ठप से ग्रामीण जल संसाधन के संवर्धन औट ग्राउंड वाटर रिचार्ज पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

मार्ग

तेज गति से चल रहे सड़कों के निर्माण के कार्य को आने वाले पांच सालों में हम अभूतपूर्व गति प्रदान करते हुए 60,000 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण सुनिश्चित करेंगे।

2022 तक हम राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई को दोगुना करेंगे।

हम भारतमाला परियोजनाओं के पहले चरण को तेजी से पूरा करेंगे। दूगामी क्षेत्रों को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली और संपर्क स्थापित कर ऐसे इलाकों में विकास की गति को बल देने वाली भारत माला 20 परियोजना को भी हम आरंभ करेंगे।

सड़कों के निर्माण, रखरखाव और कार्य के लिए हम नई तकनीक लाएंगे।

हम विश्व में भारत को ई-मोबिलिटी में अग्रणी बनाना चाहते हैं। स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए और बैटरी से चलने वाले वाहनों को लोगों के बीच और अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए निर्धारित कार्यक्रम के तहत 10 हजार करोड़ पर का आवंटन हो चुका है। हम मोबिलिटी के इस नए उद्भव को अधिक विस्तार देने पर और काम करेंगे।

रेलवे

18 हमने रेल यात्रा को सुरक्षित, सुलभ, स्वच्छ और आरामदायक बनाने के लिए काफी प्रयास किए हैं और हमने इसमें पर्याप्त सफलता प्राप्त की है। हम इस दिशा में आगे कार्य जारी रखेंगे औट रेलवे की सुविधाओं एवं इंफ्रास्ट्रक्चर में निजी भागीदारी से विकास कटने हेतु प्रतिबद्ध हैं।

जिन रेलमार्गो पर संभव होगा उन्हें 2022 तक ब्रॉडगेज में बदल दिया जाएगा।

2022 तक सभी रेल पट्टियों का विद्युतीकरण करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

हम संपर्क को बढ़ावा देने के लिए 'वंदे भारत एक्सप्रेस' जैसी कई और हाई-स्पीड ट्रेनों की शुरुआत अलग-अलग मार्ग पर करेंगे जिससे अगले पांच वर्षों में देश के हर कोने में रेल मार्ग के जरिए पहुंचा जा सके।

हम फ्रेट कॉरिडोर परियोजना को 2022 तक पूरा कर लेंगे।

हम देश भर में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए एक विस्तृत योजना आर्टम करेंगे।

हवाई अड्डे

2014 में देश में 65 कार्यात्मक हवाई अड्डे थे और आज कुल 101 कार्यात्मक हवाई अड्डे हैं। अगले पांच वर्षों में, हम कार्यात्मक हवाई अडों की संख्या को दोगुना कर देंगे।

तटीय क्षेत्रों का विकास

28 परिवहन, पर्यटन और तटीय समुदायों के आर्थिक उत्थान से अछूता रहने के कारण देश के तटीय क्षेत्रों की क्षमता का पूर्ण विकास नहीं हो पाया था। मार्गमाला परियोजना के जरिए हम इस क्षेत्र में भरपूर विकास करेंगे। हम इस परियोजना को शीघ्र पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

अगले पांच वर्षों में बंदरगाह क्षमता को दोगुना करेंगे।

हम तटीय क्षेत्रों में तटीय शहरों, तटीय परिवहन और तटीय औद्योगीकरण के एकीकृत विकास को प्रोत्साहित करेंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चट में विकास के माध्यम से आंतरिक इलाकों को तट से जोड़ते हुए सुलभ परिवहन सुनिश्चित करने का कार्य करेंगे।

हम अतिरिक्त जलमार्गों के विकास को जारी रखते हुए कार्यों के परिवहन को सड़क और ट्रेन मार्गों से साथ-साथ जल मार्गों में भी प्रोत्साहित करेंगे।

ऊर्जा

हमने सभी देशवासियों को 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था और यह प्रसन्नता की बात है कि देश ने यह लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। देश के सभी गांवों में बिजली पहुंचा दी गई है; शीघ्र बचे हुए सभी घटों को बिजली कनेक्शन दिया जाएगा।

देश ने बिजली पैदा करने में, ट्रांसमिशन लाइन बिछाने में और देशभर में ट्रांसमिशन ग्रिड स्थापित करने में असाधारण काम किया है। इन गौरवपूर्ण उपलब्धियों के साथ भारत अब यह कह सकता है कि देश में बिजली कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि भारत अब बिजली का पूर्ण निर्यातक बन गया है। अब हमारे उद्देश्य हैं:

पर्यावरण को स्वच्छ रखते हुए स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने की कोशिश करना.

• सभी उपभोक्ताओं को बिजली प्रदान करना

• राज्य विद्युत इकाइयों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाना और प्रशासनात्मक रुप से बेहतर बनाना।

भारत समय-समय पर प्रभावशाली औट जरुरी रोकथाम करके जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को दुनिया के समक्ष अत्यंत प्रभावी रुप से प्रस्तुत कर रहा है। हमने फरवरी 2019 में 76.87 गीगावॉट सकल जवीकटणीय ऊर्जा क्षमता को प्राप्त किया.

भारत समय-समय पर प्रभावशाली और जरुरी रोकथाम करके जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को दुनिया के समक्ष अत्यंत प्रभावी रुप से प्रस्तुत कर रहा है। 2022 तक 75 गीगावॉट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा को प्राप्त करने का लक्ष्य है। हम इस मामले में अपने प्रयास जारी रखेंगे और इसे लोकप्रिय बनाएंगे। अंतराष्ट्रीय दौलत अलायंस में हम विश्व के अन्य देशों को सदस्य बनने के लिए आमंत्रित करेंगे।

डिजिटल कनेक्टिविटी

2022 तक हर ग्राम पंचायत को हाई स्पीड ऑप्टिकल फाइबर नेटर्वक से जोड़ा जाएगा। गांवों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाएं प्रदान की जाएंगी; साथ ही टेली- मेडिसिन, टेली-एजुकेटान और कृषि आधारित उपलब्ध कराया जाएगा।

स्वास्थ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य नीति को देश में लागू किया था। इसके साथ ही हमने दवाइयों की कीमत पर नियंत्रण करने और चिकित्सा शिक्षा को विस्तार देने के लिए कई कार्यक्रम बनाए व लागू किए हैं। हम सभी संसाधनों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिनसे देश में स्वास्थ्य सेवाओं की कीमतों में कमी आए और ये आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से आम लोगों की पहुंच में रहें।

स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 10.74 करोड़ गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कटाया जा रहा है। साथ ही हमने 2022 तक 1,50,000 स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र स्थापित करने का कार्यक्रम बनाया है। वर्तमान में 7,150 केंद्र स्थापित हो चुके हैं और सफलतापूर्वक चल रहे हैं। अब हम इन केंद्रों की स्थापना के कार्यक्रम को और विस्तार देंगे। इसके साथ ही हम हर गरीब के दरवाजे पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सन 2022 तक टेलिमेडिसिन के प्रावधानों और डायग्नॉस्टिक लैबोरेटरी सुविधाओं (diagnostic laboratory facilities) को लक्षित कर कार्य कर रहे हैं।

हम जठरी यंत्रों की एक सूची तैयार करेंगे और चिकित्सक-यंत्रों की एक अलग मूल्य निर्धारण नीति बनाएंगे, ताकि इनकी कीमतों में कमी आए और सामान्य लोगों के बीच इनकी पहुंच बढ़ सके।

हम आरोग्य इश्क के माध्यम से भारत को चिकित्सा पर्यटन में शीर्षपर स्थापित करेंगे। हर बड़े शहर में और अंर्तराष्ट्रीय हवाई अडों पर आरोग्य इश्क की स्थापना में इसका प्रचार किया जाएगा, ताकि भारत के चिकित्सा पर्यटन में विदेशी पर्यटकों की दिलचस्पी बढ़े।

स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत ढांचा

हमारे प्रयासों से हम आज इस तर्क पर पहुंच चुके हैं कि देश में हर तीन संसदीय क्षेत्र के बीच एक अस्पताल उपलब्ध है। इस कदम को आगे बढ़ाते हुए हम 2024 तक निजी या सरकारी सहभागिता से हर जिले में एक चिकित्सा महाविद्यालय या जातकोत्तर चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करेंगे। आरंभ में 2022 तक ऐसे 75 चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इनके माध्यम से भारत के सब अलग-अलग इलाकों में द्वितीय एवं तृतीय स्तर की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा।

केवल पांच साल में हमने एमबीबीएस में सीटों की संख्या 18,000 बढ़ा दी है, वहीं परा-स्नातक चिकित्सा में सीटों की संख्या 12,000 बढ़ाई गई है। हम चिकित्सा क्षेत्र में और अधिक सुधार लाएंगे तथा पारदर्शिता को बढ़ावा देने के साथ ही बेहतर व योग्य डॉक्टर बनाएंगे। अपने प्रयासों से हम सन 2024 तक एमबीबीएस और विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या को दोगुनी कर देंगे। साथ ही हम पेरा-मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार लाएंगे, जिससे हम, फार्मासिस्टों और अन्य पैटामेडिकल स्टाफ की संख्या में बढ़ोतरी होगी।

टीकाकरण एवं पोषण

हम राष्ट्रीय पोषण मिशन को एक जन-आंदोलन के उस में स्थापित करने के लिए प्रयासरत हैं और सभी आंगनवाड़ी कर्मियों की क्षमता बढ़ाने के लिए कार्य करेंगे।

मिशन इंद्रधनुष के तहत 3.39 करोड़ बच्चों और 87.18 लाख गर्भवती महिलाओं का संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित किया गया है। साथ ही टीकाकरण की वार्षिक दर में प्रतिशत प्रतिवर्ष से 6 प्रतिशत प्रतिवर्ष की वृद्धि हुई है। 2022 तक हम सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करेंगे।

क्षयरोग को समाप्त करना

किसी अन्य संक्रामक रोग की अपेक्षा टीबी के रोग से सबसे अधिक मौतें होती हैं। वर्तमान में 25 लाख लोग टीबी से पीड़ित हैं, हर साल लगभग 3 लाख लोग टीबी के कारण मर जाते हैं। यह बीमारी ज्यादातर गरीब औट कुपोषित व्यक्तियों को होती है। हमने 2025 तक टीबी को भारत से ख़त्म करने के लिए विशेष मिष्ठान बनाया है। हम यह कोटि करेंगे कि यह मिशन पोषणयुक्त विकास के तय लक्ष्य से आगे जाकट सफल हो।

सुशासन

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने हमेशा यह माना है कि स्वस्थ राजनीति की आधारशिला है. पिछले पांच सालों में मोदी सरकार ने सुशासन की जो एक परेशानी है वो अगली पीढ़ियों के लिए बहुत ही लाभदायक होगा।

एक साथ चुनाव का खर्च घटाने, झरकारी संसाधनों एवं सुरक्षा बलों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और प्रभावी नीति नियोजन के लिए हम संसद एवं राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ करने के विचार का समर्थन करते हैं और उसके लिए प्रतिबद्ध हैं। हम इस विषय पर सभी पार्टियों के साथ सहमति बनाने का प्रयास करेंगे।

मतदाता सूची में एकरुपता-सभी सार्वजनिक निकायों में प्रत्येक नागरिक के मताधिकारों को सुनिश्चित करने और एक से अधिक मतदाता सूचियों से उत्पन्न भ्रम या परानी से बचने के लिए हम सभी चुनावों में एक सुलभ एकल मतदाता सूची सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।

भ्रष्टाचार मुक्त भारत

भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए मोदी सरकार ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018, भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 और बेनामी लेनदेन निषेध (संशोधन) अधिनियम, 2016 लागू करने जैसे कई प्रभावी कदम उठाए हैं। हमने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में निर्णायक कार्य सुनिश्चित कर झटकार में चल रही लालफीताशाही समाप्त कर दी है। हम अधिक प्रभावी प्रशासन एवं निर्णय लेने की पारदर्शिता प्रक्रिया सुनिशित करने के प्रयास जारी रखेंगे।

सिविल सर्विस एवं शासन में सुधार

भारत को विकसित देश बनाने के लिए हमें न्यूनतम शासन एवं अधिकतम प्रशासन के सिद्धांत पर काम करना होगा।

इस उद्देश्य के लिए हम एक प्रकार से लोक सेवाओं को नया ठप प्रदान करेंगे तथा प्रधासनिक सुधार लागू करेंगे। नीतियों एवं समन्वय का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए हम समान एवं एक-दूसरे के पूरक विभागों का विलय संबंधित क्षेत्र के मंत्रालयों में करेंगे। इससे नीति-निर्माताओं को सर्वांगीण एवं समग्र नीतियां बनाने में मदद मिलेगी और नीतियों का सुगम क्रियान्वयन भी सुनिश्चित होगा।

हम पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों की क्षमता का विस्तार कटने के लिए और योजनाओं को प्रभावी ठप से जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए 'राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान' का क्रियान्वयन नाटी रखेंगे।

पुलिस व्यवस्था में सुधार

पुलिस लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली सबसे बुनियादी औट प्रासनिक निकाय है। एक प्रभावशाली पुलिसिंग तथा शांतिपूर्ण कानून और व्यवस्था विकास और तरक्की की कुंजी है। हमारी वर्तमान पुलिस और पुलिस व्यवस्था औपनिवेशिक पुलिस प्रणाली पर आधारित है और 21 वीं सदी की चुनौतियों के अनुरुप पुलिस व्यवस्था में सुधार और बदलाव की आवश्यकता है, इसलिए हम पुलिस व्यवस्था में सुधार लाएंगे। हम नागरिकों के हितैषी और उनके अनुकूल राज्यों के एक 'आदि पुलिस अधिनियम तैयार करेंगे। इसमें भारतीय पुलिस व्यवस्था दुनिया के मानकों और समकालीनों के अनुकूल होगी।

न्यायिक सुधार

न्याय मिलने की गति बढ़ाने के लिए हम प्रक्रियागत कानूनों को सरल बनाने, मध्यस्थता को बढ़ावा देने, न्यायिक एवं न्यायालय प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के कार्यं करेंगे।

भारत बनेगा मध्यस्थता का केंद्र- हम वैकल्पिक विवाद समाधान मंचों की संख्या में वृद्धि करेंगे ताकि कानूनी मामलों का त्वरित निपटान सुनिश्चित किया जा सके। हम भारत को मध्यस्थता सेवाओं का केंद्र बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।

अंतराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण- हम भारत को वित्तीय सेवाओं के केंद्र के रुप में स्थापित करने हेतु अंतराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण के निर्माण में तेजी लायेंगे, जिससे देश में एक सशक्त विनियामक ढांचा तैयार होगा। वर्तमान में उपलब्ध प्रोत्साहनों को जारी रखते हुए एवं उसे आगे बढ़ाते हम डिजिटल माध्यम से लेन देन का विस्तार करेंगे।

सहकारी संघवाद को प्रभावकारी तरीके से लागू करना

हमने नीति आयोग के निर्माण, जीएसटी काउंसिल की स्थापना औट सहकारी संघवाद की अपनी प्रतिज्ञा के अनुरुप केंद्रीय योजनाओं के पुनर्गठन जैसे कदमों के माध्यम से समावेशी संधीय शासन की एक रूपरेखा निर्धारित की है। हम नीति निर्माण और शासन के सभी पहलुओं में राज्यों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करेंगे एवं संघवाद को मजबूत करेंगे। हम 14वें वित्त आयोग के सुझावों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करेंगे।

हम करों, कारोबारी अनुपालन, नियमों एवं कानूनों जैसे विषयों पर सरकार के साथ नागरिकों के संवाद को सुगम बनाने वाली समिति (CECIG) का गठन करेंगे।

नागरिक सेवाओं की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हम सेवा आपूर्ति के अधिकार को क्रियान्वित करने का हर संभव प्रयास करेंगे, ताकि नागरिक सशक्त बन सकें।

विज्ञान एवं तकनीकी

आने वाला समय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जनता के विकास के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग का है। हम अत्याधुनिक तकनीकों तथा भविष्यमुखी तकनीकों के विकास के लिए एक नया विज्ञान मिशन आरंभ करेंगे। इसमें दो सर्व-मिशन होंगे, जो विशेष रूप से (अ) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिटान तथा (आ) रोबोटिक अनुसंधान मिशन पर केंद्रित होंगे, जिसका उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीकों की भावी दुनिया में कदम रखना होगा।

हमारा पहला एजेंडा हमारी जनता है। आज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में हमारा ज्यादातर निवेश केंद्रीय संस्थाओं में होता है। हमारा लक्ष्य इसे राज्य सरकार की संस्थाओं में जाने वाले 95 प्रतिशत छात्रों तक पहुंचाना होगा। राज्यों की साझेदारी में राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान के जरिए सरकार के निवेश में यह कार्य किया जाएगा। राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं के हमारे नेटवर्क के साथ साझेदारी में अनुसंधान एवं विकास में उद्योग का निवेश भी बढ़ाया जाएगा।

हम भाषा अनुवाद मिशन' आरंभ करेंगे, जिससे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और मानविकी में अंग्रेजी की सामग्री का किसी भी अन्य भाषा में तुरंत अनुवाद हो सकेगा। इससे देश में प्रत्येक छात्र को सर्वश्रेष्ठ सामग्री दो भाषाओं में उपलब्ध होगी।

हम मानव स्वास्थ्य के लिए 'जीनोम मिटान' आरंभ कटेंगे, जिससे कम-से-कम खर्च वाले नवाचारों के जरिए देश की पूरी जनता को निदान एवं उपचार की नवीनतम सुविधा मिल सके।

हम अपने समुद्रों की विविधता खंगालेंगे, गहरे समुद्र के लिए मानव चालक दल वाली पनडुब्धी तैयार करेंगे, जिससे संसाधनों का सतत उपयोग हो सके। हम गेट-जीवाश्म ईंधन पर जोर देंगे, जिससे इस क्षेत्र में हमारे शोध अभियान से जुड़े आयात में कमी आए। हम भारत को नई तकनीकों में अगुआ बनाएंगे। सुपटकंप्यूटट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस औट क्वांटम मिशन भारत को इंडस्ट्री 5.0 के लिए तैयार ही नहीं करेंगे बल्कि अगुवाई भी करवाएंगे। 'स्वच्छ भारत अभियान ने स्वच्छता के एक पक्ष का कायाकल्प कर दिया है। अब हम कचरे को ऊर्जा और संपदा में बदलने के लिए नवीनतम तकनीक प्राप्त करने का बड़ा अभियान चलाएंगे। हम देश के भीतर सेमीकंडक्टर विनिर्माण की दिशा में भी प्रयास करेंगे। मिशन शक्ति के द्वारा अभूतपूर्व सफलता हासिल कटने के पश्चात हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि गगनयान अंतरिक्ष मंि मानवयुक्त मिशन की हमारी वैज्ञानिक क्षमताओं को सफलतापूर्वक प्रदान कर सके। हम वांछनीय प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान की राह बनाने और निजी क्षेत्र के साथ समन्वय करके ऐसी परियोजनाओं के लिए। वित्त पोषण का प्रबंधन करने हेतु 'सामाजिक रुप से प्रासंगिक प्रौद्योगिकियों में त्वरित अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम' करेंगे।

वन एवं पर्यावरण

हमने सुनिश्चित किया कि वांछित परियोजनाओं के लिए तीव्र और प्रभावी तरीके से वन एवं पर्यावटण संबंधी मंजूरी मिल सके, जिसके कारण हमने देश में लगभग 9,000 वर्ग किलोमीटर वनाच्छादन बढ़ाया है। हम अपने राष्ट्र को हरा-भरा बनाने के लिए अधिक स्वच्छ तरीके अपनाते हुए इस गति को बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

हमने शहरों एवं नदियों में प्रदूषण का स्तर जानने के लिए तकनीकी रूप से बेहतर रणनीतियां एवं तरीके तैयार किए हैं और राष्ट्रीय राजधानी समेत प्रमुख शहरों में प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। हम राष्ट्रीय स्वच्छ वायु योजना को मिशन में बदलेंगे और देश के 102 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। सघन कार्रवाई के जरिए हम अगले पांच वर्षों में मिशन में मिल प्रत्येक शहर में प्रदूषण का स्तर कम-से-कम 35 प्रतिशत नीचे ले आएंगे।

हम वनवासियों विशेषकर आदिवासी समुदायों के हितों की लगातार टक्षा कटेंगे और उन्हें बढ़ावा देंगे। हमने सुदूर वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मकानों और शौचालयों के साथ-साथ सड़क, टेलीफोन संपर्क औट रसोई गैस कनेक्शन जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास किया है। हम इस दिशा में अपना कार्य जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

हिमालयी क्षेत्रों का संरक्षण

हम सुनिश्चित करेंगे कि हिमालयी राज्यों में वनों के संरक्षण और संवर्धन की सुविधा प्रदान करने के लिए ग्रीन बोनस के रूप में विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।

द्वीपीय क्षेत्रों का विकास

हमने द्वीप क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए 'द्वीप विकास प्राधिकटण' स्थापित करने जैसे कदम उठाए हैं।'

हम इन क्षेत्रों की आर्थिक संभावना एवं सामरिक महत्व को देखते हुए इन क्षेत्रों पर ध्यान देना जारी रखेंगे।

हम अंडमान-निकोबार तथा लक्षद्वीप की विशिष्ट पहचान को बरकरार रखते हुए और स्थानीय पर्यावरण के अनुकूल विश्व स्तटीय इंफ्रास्ट्रक्चट का निर्माण करेंगे और पर्यटन क्षमता को पूर्ण रुप से विकसित करेंगे, ताकि यहां के निवासियों के जीवन स्तर और आय में सुधार लाया जा सके।

केंद्र शासित प्रदेशों का विकास

हम संघ शासित प्रदेशों को विकास और सुशासन का मॉडल बनाएंगे, जहां इनके नागरिकों को उच्च कोटि का जीवन स्तर, नागरिक सेवाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होगा।

उत्तर पूर्वी राज्यों का विकास

हमने पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद को नियंत्रित कर सुरक्षा स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। इसका लाभ उठाते हुए हम पूर्वोत्तट राज्यों के त्वरित विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

हम क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेंगे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पूर्वोत्तर राज्य आर्थिक प्रगति में विधिवत भाग लें। हम उत्तर-पूर्व में जल-विद्युत, पर्यटन, बागवानी आदि क्षेत्रों में प्रबल संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विकास के कार्यों को और आगे बढ़ाएंगे। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि पूर्वोत्तर राज्यों की विशिष्ट सांस्कृतिक, भाषाई और क्षेत्रीय पहचान पर्याप्त रुप में संरक्षित रहे और इसे सुनिश्चित करने के लिए अहम कदम उठाए जाएंगे।

युवा भारत- भविष्य का भारत

न्यू इंडिया के निर्माण में अगली पीढ़ी की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए हमें एक मजबूत आधारशिला की आवश्यकता है।

युवाओं के लिए नए अवसरों में वृद्धि

भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाले 22 उत्कृष्ट क्षेत्रों (चैंपियन सेक्टम) की पहचान कर, उन क्षेत्रों में निर्णायक नीतियों के माध्यम से रोजगार के नए अवसरों को पैदा करने का कार्य करोंगे। घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध अवसरों को ध्यान में रखते हुए उच्च क्षमता वाले क्षेत्रों जैसे रक्षा एवं फार्मव्युटिकल में रोजगार सृजन की दिशा में कार्य करेंगे।

उद्यमिता एवं स्टार्टअप-युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को विकसित करने हेतु हम निम्नलिखित कदम उठाएंगे:

• हम उद्यमियों के लिए 50 लाख तक के कोलेटरल मुक्त ऋण (कोलेटरल-फ्री क्रेडिट) के लिए एक नई योजना लायेंगे।

हम महिला उद्यमियों के लिए ऋण राशि के 50% और पुरुष उद्यमियों के लिए ऋण राशि के 25% की गारंटी सुनिश्चित करेंगे।

• हम उत्तरपूर्वी राज्यों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को वित्तीय सहायता देने औट उत्तर पूर्व में रोजगार सृजन के लिए एक नई उद्यमील उत्तरपूर्वी योजना लाएंगे।

• प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पिछले पांच सालों में उद्यम क्षेत्र में नए अवसर पैदा करने के लिए करोड़ से ज्यादा लोगों को ऋण दिया गया। हम इस योजना का विस्तार करते हुए 30 करोड़ लोगों तक इस योजना का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे।

• हम 20,000 हजार करोड़ रुपए के 'सीड स्टार्टअप फंड' के जरिए स्टार्टअप्स को लगातार प्रोसाहित करेंगे और बढ़ावा देते रहेंगे।
प्रशासन में युवाओं को समाज से जोड़ेंगे- समाज में युवाओं की बढ़ती भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, हम निम्नलिखित कदम उठाएंगे:

• हम युवाओं में सामाजिक सरोकार को बढ़ावा देने के लिए स्कूल, अस्पताल, झील, सार्वजनिक उद्यान आदि जैसे सामाजिक संपदाओं को अपनाकर उनका रखरखाव और स्वच्छता सुनिश्चित करने वाले स्व-संगठित समूहों को प्रोत्साहित और पुरस्कृत करेंगे।

• हम युवाओं को मादक द्रव्यों के सेवन और लत के हानिकारक प्रभावों से बचाने के लिए युवाओं में नशामुक्ति के लिए एक विशेष जागरुकता औट उपचार कार्यक्रम करेंगे।

नगरीय प्रशासन में युवा- हम स्थानीय शहरी निकायों में युवाओं के कौशल विकास को प्रोत्साहन व बढ़ावा देने तथा नगर निकायों के मुद्दों के प्रति उनकी समझ को विकसित करने हेतु बड़े पैमाने पर इंटर्नशिप कार्यक्रम को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करेंगे।


खेल
हम राज्य एवं जिला स्तर पर प्रतिभा और योग्यता के अनुसार खिलाड़ियों की पहचान करेंगे; साथ ही पारंपरिक खेलों को चिह्नित कर उनके खेल तथा क्षेत्र के आधार पर प्रोत्साहित करने का कार्य करेंगे।

हमने 'खेलो इंडिया' योजना से देश में खेल संस्कृति को विकसित करने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं और हम इस योजना के तहत पर्याप्त संसाधन प्रदान करना जारी रखेंगे ताकि घोषित उद्देश्यों की प्राप्ति सुनिश्चित हो सके। योजना के तहत महिलाओं और आदिवासियों के बीच खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष ध्यान देंगे।

खेलों को और बढ़ावा देने के लिए, हम शैक्षिक पाठ्यक्रम में खेल के कोर्स को सम्मिलित करेंगे और खिलाड़ियों के विकास हेतु हम एक 'राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड की स्थापना करेंगे। हम खेलों को प्रोत्साहन देने हेतु प्रत्येक उप-जिले में, केंद्र व राज्य सरकार के परस्पर सहयोग से, एक मिनी खेल स्टेडियम के निर्माण में सहयोग करेंगे।

मौजूदा खेल ईट्रक्चट तक खिलाड़ियों की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए हम एक तंत्र विकसित करेंगे और इस इंफ्रास्ट्रक्चट के रखरखाव और प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए पीपीपी सहित नए मॉडल पर विचार किया जाएगा।

हम भारत में खेल संस्कृति के व्यापक प्रचार और विस्तार के लिए 'फिट इंडिया' अभियान को बढ़ावा देंगे औट अभियान में व्यापक जागरूकता और भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठाएंगे।

भारत एक युवा देश है। एक ऐसा देश जिसकी प्रमुख आबादी युवा हो वो देश केवल अपने, बल्कि पूरी दुनिया का भाग्य बदलने की क्षमता रखता है।
- श्री नरेन्द्र मोदी


सबके लिए शिक्षा

शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और ज्ञान के साथ समन्वित करते हुए माटा प्रयास है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था वैश्विक, वैज्ञानिक, परिणाम-आधारित, जान-आधारित, सुलभ, समावेश की आसानी से समझ में आने वाली हो, ताकि विद्यार्थी इस शिक्षा व्यवस्था का ज्यादा से ज्यादा लाभ ले सकें।

प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा

स्कूली शिक्षा को सुलभ और सुदृढ़ बनाने के बाद अब हमारा ध्यान सीखने की गुणवत्ता पर है। हमने पहले ही कई कक्षाओं के लिए सीखने के प्रतिफलों की पहचान कर ली है और हमारी प्राथमिकता है कि अगले पांच सालों में सभी विद्यार्थी इन प्रतिफलों को अर्जित कर लें। इन परिणामों को प्राप्त करने के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माणि पर हमारा विशेष ध्यान है।

यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने देश के बच्चों को उनकी प्रतिभा निखारने के पर्याप्त अवसर और उचित वातावरण उपलब्ध करवाएं। इसके लिए हम 'प्रधानमंत्री इनोवेटिव लर्निग प्रोग्राम की शुरूआत करेंगे, जिसके माध्यम से हम प्रतिभाशाली बच्चों को साल में एकबार कुछ समय के लिए एक साथ लाएंगे और उनकी प्रतिभा के विकास के लिए सुविधाएं व संसाधन प्रदान करेंगे। इससे इन बच्चों के बीच मौलिक सोच औट इनोवेशन की संस्कृति विकसित होगी।

हम 'राष्ट्रीय शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना करेंगे। इन संस्थानों में चार साल का विष एकीकृत को होगा, जो स्कूलों के शिक्षकों में गुणवत्ता के मानक तय करेगा। साथ ही, इम राज्यों को भी इस मॉडल को लागू करने के लिए प्रेरित करेंगे, क्योंकि हमारा मानना है कि एक अच्छा शिक्षक ही अच्छी शिक्षा की नींव रखता है।

हम कक्षाओं में आधुनिक तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु प्रतिबद्ध हैं। इसी के चलते हम अपने विद्यार्थियों के लिए कक्षाओं में 'स्मार्ट क्लासेज' की शुरूआत करेंगे। प्रारंभिक तौर पर हम इनकी शुरूआत माध्यमिक श्रेणी की कक्षाओं में करेंगे।

केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय अभी भी स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में आता हैं, इसे ध्यान में रखते हुए हम 2024 तक ऐसे 200 औट स्कूल खोलेंगे।

उच्च शिक्षा

केंद्रीय विधि, इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन संस्थानों में हम अगले पांच सालों में कम से कम 50 प्रतिशत तक सीट बढ़ाने के लिए सभी जरुरी कदम उठाएंगे। हम राज्य सरकारों को भी राज्यों के संस्थानों में सीट बढ़ाने के लिए प्रेरित करेंगे।

पिछले पांच सालों में हमने शिक्षा के लिए ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को एक बेहतर विकल्प समझा है और इन्हें महत्व दिया है। अगले पांच सालों में हम इसे उच्च शिक्षा का एक प्रमुख संसाधन बनाकट प्रस्तुत करेंगे।

हम मौजूदा नियामक संस्थानों के योगदान पर एक बार फिट गौर करेंगे और उनके विधेयकों में आवश्यकतानुसार सुधार अथवा बदलाव करेंगे, जिससे उनके नियामक तंत्र का कायापलट हो सके। हम गुणात्मक संस्थानों को स्वायत्त बनाने के लिए नए नियामक-तंत्र स्थापित करेंगे और राष्ट्रीय मानकों की स्थापना पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इससे संस्थानों को शैक्षणिक और कार्यशीलरुप से स्वायत्त बनाने के साथ-साथ उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता एवं गुणवत्ता लाने में मदद मिलेगी।

पिछले पांच सालों में हमारा ध्यान उच्च शैक्षणिक संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ाने पट था और उत्कृष्ट संस्थान इस ओर बढ़ाया गया एक कदम है। हम इसे आगे बढ़ाते हुए अगले पांच वर्षों में, यानी 2024 तक ऐसे 50 संस्थान तैयार करेंगे।

पिछले पांच सालों में हमारे कई संस्थानों में विश्व के शीर्ष 500 शैक्षणिक संस्थानों में अपनी जगह बनाई है। हम शैक्षणिक संस्थानों में श्रेष्ठता को बढ़ावा देंगे और अन्य संस्थानों को भी प्रेरित करेंगे कि वे भी विश्व के शीर्ष 500 शैक्षणिक संस्थानों में अपना नाम दर्ज कटाने का प्रयास करें।

हम 'स्टडी इन इंडिया' कार्यक्रम को शुरु करके बढ़ावा देंगे, जिससे विदेशी छात्रों के बीच भारत भी उच्च शिक्षा के लिए लोकप्रिय विकल्प बन सके।

विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नवीन तकनीकी के सृजन हेतु हम इनोवेटिव औट उच्च स्तटीय शोध को बढ़ावा देंगे, जिसके लिए हम उद्योगों को वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं और तकनीकी संस्थानों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

हमने 'नेशनल डिजिटल लाइब्रेटी की शुरुआत की है, जिससे कई महत्वपूर्ण ई-पुस्तकें औट शोधपत्र छात्रों को मुफ्त प्राप्त होते हैं। इस प्रयास को आगे बढ़ाते हुए हम देश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों में शोध को बढ़ावा देने के लिए छात्रों को बिना किसी शुल्क प्रमुख शोधपत्रिकाएं उपलब्ध कराएंगे।

कौशल विकास

हम नई तकनीक और नए अवसरों के लिए तैयार उद्योग–अनुरुप कार्यक्षमता से लैस श्रमबल तैयार करने के लिए 'नेशनल अपस्किलिंग औट अपकलिंग नीति का निर्माण करेंगे।

महिला सशक्तिकरण

'प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने कहा है कि भारत को न केवल महिला के विकास की जरुरत है बल्कि महिलाओं के नेतृत्त्व करता है जो हमारे विकासोन्मुखी पथपर महिलाओं के नेतृत्व को सुनिश्चित करे, यह एक बात का प्रतीक है कि हम महिलाओं के समग्र विकास और लैंगिक समानता के प्रति दृढ संकल्पित हैं। इन संकटात्मक मानकों के आधार पर हम महिलाओं के समग्र विकास और समाज तथा अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी में वृद्रि जारी रखेंगे।

महिला-प्रेरित विकास

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाते हुए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी बेटियों को अबाधित शिक्षा प्राप्त करने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। हम शिक्षा के सभी स्तरों पर सभी बालिकाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे और उच्च शिक्षा ऋण में रियायत प्रदान करेंगे।

पिछले पांच वर्षों में, स्वच्छ भारत अभियान, उज्ज्वला, प्रधानमंत्री आवास योजना, सौभाग्य योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के जीवन स्तर में अभूतपूर्व सुधार हुआ है एवं उन तक बेहतर बुनियादी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की गई है। अगले पांच वर्षों में ग्रामीण और अ-ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक तौर पर सशक्त बनाने हेतु एवं उनके लिए नए और अधिक लाभकारी रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु, हम महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों हेतु एवं महिला कृषिकों के लिए संसाधनों की उपलब्धता को बढ़ाएंगे, उनकी क्षमता का विकास करेंगे, कर्ज को और सुगमता से उपलब्ध कराएंगे और विपणन की प्रक्रिया को प्रभावित बनाएंगे।
हम महिलाओं को राष्ट्र की प्रगति और समृद्धि में समान रूप में भागीदार और लाभार्थी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

अगले पांच वर्षों में महिला कार्यबल की भागीदारी दर में प्रभावशाली रुप में वृद्धि प्राप्त करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक विस्तृत 'महिला कार्यबल' रोडमैप तैयार करेंगे, साथ ही महिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हेतु, उद्योग और कॉर्पोरेट क्षेत्र को प्रोत्साहित करेंगे।

महिलाओं के लिए बेहतर रोजगार के अवसरों के सृजन हेतु, परिधान, चमड़ा, कागज, लकड़ी, रबर, फर्नीचर इत्यादि के निर्माण क्षेत्रों में होने वाली सरकारी खरीद(procurement) का 10% हिस्सा उन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग इकाइयों से करेंगे, जहां कार्य-बल में महिलाओं की भागीदारी कम से कम 50 प्रतिशत हो।

अब हम असंगठित क्षेत्र में कार्यरत माता-पिता की जरूरतों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए, मौजूदा आंगनवाड़ियों, 05 नागरिक समाज संगठनों और निजी क्षेत्र का लाभ उठाकर, हम क्रेच कार्यक्रम को मजबूत करेंगे ताकि क्रेच औट चाइल्ड केयर सुविधाएं सुलभता से उपलब्ध हों। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि 2022 तक इस प्रकार की सुविधाओं की संख्या में कम-से-कम तीन गुना वृद्धि हो।

महिलाओं को समान अधिकार

हमने महिलाओं के संपूर्ण विकास और लैंगिक समानता को सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। हम तीन तलाक और निकाह-हलाला जैसी प्रथाओं के उन्मूलन और उन पर टोक लगाने के लिए एक कानून को पारित करेंगे।

महिलाओं के लिए एक गरिमामय जीवन

प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान और आयुष्मान भारत जैसी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हमने महिलाओं के लिए एक सुरक्षित मातृत्व अवधि प्रदान करने के अपने प्रयासों को जारी रखते हुए, सभी महिलाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण सुलभ और सती मातृत्व देखभाल सेवाएं सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

सरकार ने पोषण अभियान द्वारा कुपोषण से मुक्ति की दिशा में बड़ी पहल की है। हम इससे अगले 5 वर्षों में तकरीबन 10 प्रतिशत तक कुपोषण को कम कर, इस दर में दोगुनी कमी लाएंगे।

हम सुनिश्चित करेंगे कि भारत की सभी महिलाओं को प्रसव और माहवारी संबंधित स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध हों।

इसके साथ ही सुविधा योजना के तहत वितरण माध्यमों का विस्तार करते हुए हम सभी महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक रुपए में सैनिटरी पैड प्रदान करेंगे। हमनें आटा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के वेतन में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की है। हम सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और कार्यकर्ताओं को शामिल करने के लिए आयुष्मान भारत का विस्तार करेंगे ताकि इन पर लाहन स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य और सामाजिक सहायता प्रणाली सुनिश्चित की जाए।

महिलाओं की सुरक्षा को हर तट पर प्राथमिकता दी जाएगी। हमने गृह मंत्रालय के अधीन महिला सुरक्षा विभाग का गठन कर कानूनों में भी बदलाव किया है। महिलाओं के प्रति किए गए अपराधों के मामलों में, विशेष तौर पर दुष्कर्म के मामलों में, शीघ्रातिशीघ्र सुनवाई हो तथा पीड़ित को शीघ्र न्याय मिले, इसके लिए फॉरेंसिक सुविधाएं औरफास्ट-ट्रैक अदालतों का विस्तार किया जाएगा।

हमनें आटा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के वेतन में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की है। हम सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आहार कार्यकर्ताओं को शामिल करने के लिए आयुष्मान भारत का विस्तार करेंगे ताकि इन फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य और सामाजिक सहायता प्रणाली सुनिश्चित की जाए।

महिलाओं की सुरक्षा को हर तट पर प्राथमिकता दी जाएगी। हमने गृह मंत्रालय के अधीन महिला सुरक्षा विभाग का गठन कर कानूनों में भी बदलाव किया है। महिलाओं के प्रति किए गए अपराधों के मामलों में, विशेष तौर पर दुष्कर्म के मामलों में, अतिशीघ्र सुनवाई हो तथा पीड़ित को शीघ्र न्याय मिले, इसके लिए फॉरेंसिक सुविधाएं और फास्ट-ट्रैक अदालतों का विस्तार किया जाएगा।

समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक मानसिक परिवर्तन हेतु और उनमें से सम्बंधित विषयों पर जागरुकता और संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए हम सभी स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यस्थलों, न्यायिक प्रणालियों इत्यादि में स्त्री-पुरुष समानता के विषय को पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण का एक अनिवार्य एक अंग बनाएंगे। अपने कर्तव्यों का पालन करते है शहीद और रक्षा कर्मियों की विधवाओं को कल्याणकारी सहयोग देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हम शहीदों की विधवाओं को आत्मनिर्भरता प्रदान करने के लिए काम के अवसरों का निर्माण करेंगे, कोरल प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करेंगे और उनकी सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक कार्यक्रम शुरु करेंगे।

महिलाओं को आरक्षण

सरकार के अंतर्गत तमाम स्तरों पर महिला कल्याण एवं विकास को उच्च प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। भाजपा संविधान में प्रावधान के जरिए संसद एवं राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

आखिर हमारा New India' का सपना यही तो है जहाँ नाडी सशक्त हो, सबल हो, देश के समग्र विकास में बराबर की भागीदार हो।
- श्री नरेन्द्र मोदी

समावेशी विकास

एक समरम और समतामूलक समाज ही भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा का मुख्य तत्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत की अवधारणा में 'सबका साथ-सबका विकास' मूल बिंदु है।

सबके लिए न्याय का अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति औट पिछड़ा वर्ग के सभी लोगों को संवैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत उपलब्ध हर लाभ प्रदान करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इन वर्गों में मिल हर व्यक्ति को सही प्रतिनिधित्व औट समान व न्यायपूर्ण अवसर प्रदान किए जाएं।

हमने निर्णायक रूप से यह सुनिश्चित किया है कि गैट-आरक्षण वर्ग में आने वाले आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरी और उच्च शिक्षा में उचित प्रतिनिधित्व तथा अवसर मिले, जिसके लिए हमने आर्थिक रुप से कमजोट गैरआरक्षण वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू किया। हम इस प्रावधान को लागू करते हुए यह भी सुनिश्चित करेंगे कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सभी लोगों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिले।

सबका विकास सबके लिए सुलभ शिक्षा तथा शिक्षा की पहुंच सभी तक हो, यह सुनिश्चित करना हमारी प्रतिबद्धता है। इसके लिए 50 प्रतिशत और कम से कम 20,000 खादी वाली अजमचित जनजाति क्षेत्रों में नवोदय विद्यालय की तर्ज पट एकलव्य मॉइल आवासीय विद्यालय की स्थापना की जाएगी। हालांकि एकलव्य विद्यालयों में कौशल विकास औट खेलों के बेहतरीन प्रशिक्षण की भी विशेष व्यवस्था होगी और साथ ही इन विद्यालयों में स्थानीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण की विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

सामाजिक एवं राजनीतिक सशक्तिकरण में अपने प्रयासों को जारी रखते हुए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आदिवासियों के सभी अधिकाट सुरक्षित हैं।

वन क्षेत्रों से प्राप्त होने वाले संसाधनों के प्राथमिक प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से इन क्षेत्रों के आदिवासियों को रोजगार प्रदान करने के लिए और आदिवासियों की आय में वृद्धि करने के लिए 50,000 'वन-धन विकास केंद्रों की स्थापना की जाएगी।

हम व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों औऱ यंत्रीकृत सफाई को बढ़ावा देते हुए यह प्रावधान करेंगे कि सफाई कर्मचारियों के लिए व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित हो।

गरीब कल्याण

अगले पांच वर्षों में हम गरीबी रेखा से नीचे मौजूद परिवारों के प्रतिशत को कम करते हुए एक अंक में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

हम 2022 तक ऐसे प्रत्येक परिवार को पक्का मकान देंगे,जो कच्चे मकानों में रहते हैं।

हम खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देते हुए गरीब और कम आय वाले परिवारों के कुल 80 करोड़ लोगों को अनाज (गेहूं, चावल, मोटे अनाज) अधिकाधिक सब्सिडी पर उपलब्ध करवाने में सफल हुए हैं। इसे विस्तार देते हुए हम इन परिवारों को सब्सिडी पर चीनी (प्रति परिवार प्रति माह 13 रुपये प्रति किलो) उपलब्ध करवाएंगे, जो हमारे आदर्श वाक्य 'सबका साथ-सबका विकास' को चरितार्थ करता है।

जनधन योजना की अभूतपूर्व सफलता से भारत का वित्तीय समावेशन काफी बेहतर हुआ है। आधार प्लेटफॉम्र्स और जनधन की सफलता से इस शेयरिंग फ्रेमवर्क के माध्यम से हम बैंकों की अन्य शाखाओं, पेमेंट बैंक और बैंकिंग कॉटस्पॉईंट तक पहुंच को सुलभ बनाने के लिए ठोस कदम उठाएंगे। इसके साथ ही हम कैश औ निजता की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखेंगे। इस योजना के साथ हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हर भारतीय के पास 5 किमी के अंतर्गत बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हों। हम एक तकनीक-आधारित कार्यक्रम भी लाएंगे, जो मास मीडिया कैंपेन को वित्तीय साक्षरता के साथ जोड़ते हुए वित्तीय क्षेत्र के बारे में जानकारी देगा और भारत के वित्तीय तंत्र में हर भारतीय की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय सामग्रियों के उपयोग से संबंधित जानकारी भी प्रदान करेगा।


निम्न मध्यम वर्ग को प्राथमिकता

मौजूदा बजट में एक बड़ी छूट प्रदान कटने के बाद हम आगे भी कर दरों और कर में दी गई छूट का अवलोकन करते रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि मध्यम आय वाले परिवारों की आय बढ़े और उनकी खरीद-क्षमता विकसित हो।
हम यह सुनिश्चित करेंगे कि निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों को शिक्षा, रोजगार के अवसर और बेहतर जीवन के स्तर के लिए उचित दरों आधारभूत संरचना (इंफ्रास्ट्रक्चट) उपलब्ध हो सके।

भौगोलिक समानता के लिए प्रतिबद्धता

समावेशी विकास का मतलब हमारे लिए भौगोलिक समावेश भी है। इसके लिए हमारी सरकार ने 15 एपिटेरानला जिलों की पहचान की है, जिनके विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हम इन प्रयासों को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इन जिलों में भी देश के बाकी हिस्सों के समकक्ष विकास हो। इसी प्रकार, हमने बेहतर संपर्क व्यवस्था, प्रभावी आधारभूत संरचना के निर्माण और वित्तीय संसाधनों के पर्याप्त प्रावधान के माध्यम से पूर्वी भारत की आर्थिक और सामाजिक प्रगति की नींव रखी है। हम इस क्षेत्र में विकास के भौगोलिक असंतुलन में सुधार करने के लिए अपने प्रयासों को जारी रखने और पूर्वी भारत को राष्ट्र की प्रगति में बराबर का भागीदार बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शब्दों में, यह पूर्वोदय है।

अल्पसंख्यक वर्ग

सबका साथ-सबका विकास के संकल्प पर हम सभी अल्पसंख्यकों (मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी) के सशक्तिकरण हेतु और उन्हें गरिमापूर्ण विकास उपलब्ध कटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


वरिष्ठ नागरिक

सभी बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों को समय पर मदद और उनके लिए सहायक चिकित्सीय उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए हम 'राष्ट्रीय वयोश्री योजना को और व्यापक बनाते हुए इसका विस्तार करेंगे।

दिव्यांगों को सक्षम बनाना

सौगम्य योजना के तहत नगर, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों और जन आवागमन सुविधाओं तथा हर आधारभूत संरचना के नियमित ऑडिट और रेटिंग की व्यवस्था करेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे की दिव्यांग जनों को यह सुलभता से उपलब्ध हो, इसके लिए सिविल सोसाइटी से जुड़े संगठनों औट उद्योगों की सहभागिता को सुनिश्चित करेंगे।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दिव्यांग लाभार्थियों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जायेगा कि प्रधानमंत्री आवास योजना आसानी से जठरतमंद दिव्यांगों को उपलब्ध हो सके।

आंगनवाड़ी और प्री-स्कूल व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि बच्चों में किसी प्रकार के विकृति के मामले को जल्द-से-जल्द पहचान कर उसके उचित उपचार की व्यवस्था की जा सके।

दिव्यांगों को फिक्स्ड डिपॉजिट पर ज्यादा ब्याज मिले, इस दिशा में कदम उठाएंगे।

गोरखा विषय का राजनीतिक समाधान

हम छूटी हुई भारतीय गोरखा उप-जातियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देंगे। इसके साथ-साथ हम सिक्किम विधानसभा में लिम्बू और तमांग जनजातियों हेतु आरक्षण लागू करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।

हम दार्जिलिंग हिल्स, सिलीगुड़ी तटाई औट डुवार्म क्षेत्र की समस्या का स्थायी राजनीतिक समाधान खोजने की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

श्रमिक वर्ग का कल्याण हमारी सरकार की नीतियों के अंतर्गत राष्ट्रीय न्यूनतम आय में 42 प्रतिशत वृद्धि हुई है। हम यह वृद्धि-दर अगले 5 साल भी बरकरार रखेंगे और कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक आय सुनिश्चित करेंगे।

छोटे दुकानदारों को पेंशन

हम छोटे दुकानदारों को सम्मिलित करते हुए प्रधानमंत्री श्रम योगी जनधन योजना का विस्तार करेंगे।

कारीगरों का कल्याण

हम एक अम्ब्रेला स्कीम, 'प्रधानमंत्री कलानिधि योजना लाएंगे, जिससे पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा देने के लिए सुलभ और अनुकूलित ऋणों के पैकेज, सामाजिक सुरक्षा, वर्किंग कैपिटल आदि प्रदान किए जाएंगे।

श्रमिक वर्ग का कल्याण

हमाटी सरकार की नीतियों के अंतर्गत राष्ट्रीय न्यूनतम आय में 42 प्रतिशत वृद्धि हुई है। हम यह वृद्धि-दर अगले 5 साल भी बरकरार रखेंगे और कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक आय सुनिश्चित करेंगे।

बाल कल्याण

हम एक संक्षिप्त बाल सुरक्षा ढांचा तैयार करेंगे, जो भारत में मौजूद सभी चाइल्ड केयर संस्थानों के लिए सही मानक तय करेगा, उनका निरीक्षण करेगा और उन पर निगटानी बनाए रखेगा।

ट्रांसजेंडर वर्ग का सशक्तिकरण

हम सामाजिक और नीति-निर्णायक स्तर पर सभी ट्रांसजेंइट को समाज की मुख्यधारा में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मद्रांस जेंडर वर्ग के युवाओं को स्व-रोजगार और कोशल विकास के अवसर सुनिश्चित करेंगे।

सांस्कृतिक विरासत

अपने स्थापना काल से ही भाजपा का कार्य भारतीय सभ्यता-संस्कृति में निहित है। न्यू इंडिया के निर्माण में, हम अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सभ्यता को संरक्षित एवं संवर्धन करने के लिए कृतसंकल्प हैं। अपने इन सांस्कृतिक मूल्यों को हम विकास पथ की बाधा नहीं वरन अपने उज्वल भविष्य का आधार मानते हैं।

राम मंदिर

राम मंदिर पर भाजपा अपना रूख दोहराती है। संविधान के दायरे में अयोध्या में शीघ्र राम मंदिर के निर्माण के लिए सभी संभावनाओं को तलाशा जाएगा और इसके लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

भारतीय आस्था और संस्कृति का संरक्षण

हम हर वर्ग की आस्था से जुड़े सभी सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण विरासतों और स्थलों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रसाद (PRASAD) योजना का विस्तार करेंगे।

भारतीय भाषाओं का संरक्षण

हम भारत की लिखी और बोली जाने वाली सभी भाषाओं तथा बोलियों की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक कार्यबल का गठन करेंगे। भारतीय भाषाओं और बोलियों के प्रसार और संवर्धन के लिए हृटसंभव प्रयास करेंगे।

संस्कृत भाषा पर विशेष ध्यान देते हुए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि स्कूली तर्ज पर संस्कृत की शिक्षा का विस्तार हो। इसके अलावा संस्कृत में अनुसंधान को बढ़ावा देने हेतु शोधाथियों व विद्वानों के लिए 100 पाणिनि फ़ेलोशिप की शुरूआत करेंगे।

नमामि गंगे: गौरव का विषय

हम गंगोत्री से गंगासागर तक गंगा नदी का निर्मल एवं अविरल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम सुनिश्चित करेंगे कि गंगा किनारे बसे सभी नगरों में सीवेज की अवसंरचना 100 प्रतिशत सुनिश्चित और प्रभावी तरीके से कार्य कर रही हो। गंगा के जिवधि प्रवाह के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।

गंगा के किनारे स्थित वो गांव, जो पहले से ही खुले में शौच से मुक्त हैं, उन्हें एक विशेष परियोजना में मिला कर, उनके ठोस एवं तरल कचरे का संपूर्ण सतत प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।

सबरीमाला

हम पूरा प्रयास करेंगे कि सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष सबरीमाला की आस्था, परंपरा एवं पूजा पद्धति का पूरा विषय रखा जाये। हमारा प्रयास होगा की आस्था एवं विश्वास के विषयों को संवैधानिक संरक्षण मिले।

योग: गौरवशाली विरासत का वैश्विक विस्तार

हम दुनिया भर में 21 जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस के रुप में मनाते हुए, योग के प्रचार और विस्तार के क्षेत्र में अपने निरंतर प्रयासों को जारी रखेंगे। हम योग को विश्व के लिए एक स्वच्छ जीवन पद्धति का प्रमुख माध्यम बनाएंगे और योग प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण हेतु नई पहल करेंगे। साथ ही, इम योग से संबंधित पर्यटन, स्वास्थ्य सुविधाएं और अनुसंधान के क्षेत्र का विस्तार करेंगे।

सांस्कृतिक महोत्सव की विश्वस्तरीय पहल

भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत एवं इसकी विविधताओं को दुनिया के समक्ष प्रदर्शित करने और बढ़ावा देने के लिए हट वर्ष, पांच विभिन्न राज्यों में बड़े स्तर पर भव्य अंतर्राष्ट्रीय भारतीय सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रवासी भारतीयों एवं अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की अधिक-से-अधिक भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

धरोहर दर्शन

भारत में सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व वाले सभी धरोहर स्थलों तथा संग्रहालयों तक पहुंच अधिक सुगम बनाने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए हम एकीकृत वेब पोर्टल 'धरोहट दर्शन' के जरिए ऐसे सभी स्थानों की वेब आधारित वर्चुअल रूट आरंभ करेंगे। भौगोलिक सीमाओं को समाप्त कर यह पोर्टल भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का रियल टाइम अनुभव प्रदान करेगा और यह अनुभव दुनिया के किसी भी कोने में लिया जा सकेगा।

समान नागरिक संहिता

भारत के संविधान 44 में समान नागरिक संहिता राज्य नीति के निर्देशक सिधान्तों के रूप में दर्ज की गई है। भाजपा का मानना है की जब तक भारत में समान नागरिक संहिता को अपनाया नहीं जाता है, तब तक लैंगिक समानता कायम नहीं हो सकती है। झमान नागरिक संहिता, सभी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा कहती हैं। भाजपा सर्वप्रष्ठ परंपराओं में प्रेरित समान नागरिक संहिता बनाने को कटिबद्ध है जिसमें उन परंपराओं को आधुनिक समय की जरूरतों के मुताबिक ढाला जाये।

वैश्विक भारत

हम ये मानते हैं कि यह समय भारत का है और यह बहु-ध्रुवीय और अपने हितधारकों के मध्य एक शक्ति के रुप में खुद को स्थापित किया है. भारत का उत्थान एक नयी वास्तविकता है और हम 21 वीं सदी के वैश्विक एजेंडा को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

वसुधैव कुटुम्बकम्

राष्ट्र के विकास और सुरक्षा से जुड़े हितों की दिशा में प्रयास करते हुए हम 'वसुधैव कुटुम्बकम् के प्राचीन भारतीय दर्शन को केंद्र में रखेंगे। प्रगति, संपन्नता, जाति एवं सुरक्षा के लिए विशेष कर मित्र देश एवं पड़ोसियों के साथ हमारी वैश्विक सहयोग 'वसुधैव कुटुम्बकम' पर ही आधारित होगा। वैश्विक स्तर पर साझा हितों की सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए सतत कार्य करने के साथ ही हम आपदा राहत एवं मानवीय सहयोग के मामलों में पहले पहल करने की अपनी भूमिका को और सुदृढ़ व सुनियोजित बनाएंगे तथा आपदा से निपटने वाले बुनियादी ढांचे के लिए साझेदारी को मजबूत करेंगे।

ज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक समन्वय को विस्तार देना

हम सभी देशों के साथ परस्पर विकास के लिए अपने कूटनीतिक संबंधों में ज्ञान के आदान-प्रदान (ज्ञान विनिमय) तथा तकनीक के हस्तांतरण पर विशेष जोर देंगे। इसके अंतर्गत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से जुड़े मामलों में बेहतट समन्वय और सहयोग के लिए अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी समूह तैयार कटने का प्रयास करेंगे। इससे सभी देशों, विशेष कर छोटे देशों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के लाभ सुनिश्चित हो सकेंगे।

प्रवासी भारतीयों के साथ सतत संवाद को बढ़ावा देना

हम विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के साथ संस्कृति एवं विरासत के संबंध मजबूत करने और उनके साथ नियमित रुप से संवाद करने के लिए संस्थागत प्रणाली का निर्माण करेंगे। साथ ही हम भारतीय समुदाय के साथ संपर्क व संवाद बढ़ाने और उन्हें भारतीय दूतावासों से लगातार जोड़े रखने के लिए 'भारत गौरव' अभियान की भी शुरूआत करेंगे। विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए जानकारियों एवं सेवाओं की उपलब्धता के लिए एकीकृत बिंदु के रुप में मदद पोर्टल' को और प्रभावी, मुलभ व सुदृढ़ बनाएंगे।

वैश्विक मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई

हम आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों और संगठनों के विरूद्ध अंतराष्ट्रीय मंचों पर ठोस कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और ऐसे देशों तथा संगठनों को वैश्विक मंचों पर अलग-थलग करने के लिए हम सभी जरूरी उपायों पर कार्य करेंगे। यह सुनिश्चित करने के लिए हम एक बहुपक्षीय और स्वैच्छिक संगठन के रूप में 'अंतराष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी मंच बनाने की दिशा में कार्य करेंगे। यह अंतराष्ट्रीय आतंकवाद पर समग्र संधि के मसौदे में दिए गए सिद्धांतों पर आधारित ऐच्छिक व बहुपक्षीय मंच होगा।

बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा

हम आतंकवाद और भ्रष्टाचार जैसी वैश्विक बुराइयों के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र, जी20, ब्रिक्स, एससीओ, राष्ट्रमंडल आदि मंचों के जरिए सहयोग जुटाने के प्रभावी प्रयास करेंगे। रूस-भारत-चीन (Ric) और जापान-अमेरिका-भारत (JAI) जैसी महत्वपूर्ण संवाद प्रक्रियाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। पड़ोसियों को वटीयता अपनी नीति को आगे ले जाने के लिए हम 'बिम्सटेक जैसे मंचों का अधिकाधिक उपयोग करेंगे, ताकि हमारे पड़ोस में स्थित देशों के साथ क्षेत्रीय समन्वय और आर्थिक सहयोग की गति को तेज किया जा सके। उक्त ईस्ट नीति, आसियान के साथ सहयोग औट सुगम, समावेशी, संपन्न एवं सुरक्षित हिंद-प्रांत क्षेत्र को सुनिश्चित करने के लिए तेजी से कार्य किया जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि इस संस्था में विश्व का समसामयिक भू-रीजनीतिक यथार्थ परिलक्षित हो सके। हम इन उद्देश्यों की दिशा में अपने प्रयासों को तेज करने के लिए कृतसंकल्प हैं।

राजनयिक अधिकारियों की संख्या और पहुंच को सुदृढ़ बनाएंगे

हम दुनिया भर में भारत की बढ़ती पहुंच और मजबूत होती स्थिति के अनुरुप राजनयिक एवं सहयोगी अधिकारियों की संख्या में वृद्धि करेंगे। साथ ही हम एक सुदृढ़ व्यवस्था के जरिए विदेश नीति के निर्माण में विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। हम विदेश नीति का विश्वविद्यालय स्थापित करेंगे, जो इस क्षेत्र में इस प्रकार का पहला विश्वविद्यालय होगा। यह विश्वविद्यालय विदेश नीति एवं भारत की दृष्टि से प्रासंगिक भू-राजनीतिक विषयों के अध्ययन एवं शोध के लिए और भारत तथा मित्र देशों के राजनयिकों की क्षमता बेहतर करने के लिए समर्पित होगा। भारत के राज्यों के आर्थिक विकास के लिए उनके अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों में सक्रिय रुप से सहयोग किया जाएगा।

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